80 वर्ष से अधिक आयु वाले वोटरों, दिव्यांग व्यक्तियों, कोविड मरीज़ों को वोट डालने के लिए उत्साहित करने के लिए दी जायेगी पोस्टल बैलेट सहूलत

चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। आगामी पंजाब विधान सभा चुनाव 2022 में अधिक से अधिक वोटरों को वोट डालने के लिए उत्साहित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआइ) द्वारा 80 वर्ष से अधिक आयु वाले वोटरों, दिव्यांगों (40 प्रतिशत से अधिक) और कोविड-19 पाज़िटिव मरीज़ों को पोस्टल बैलेट के द्वारा अपनी वोट डालने की सुविधा दी गई है। पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सी.ई.ओ.) डा. एस. करुणा राजू ने आज यहाँ पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत के दौरान बताया कि राज्य के कुल 2.09 करोड़ वोटरों में से 5.33 लाख से अधिक लोग 80 वर्ष से अधिक आयु वाले हैं जबकि 1.34 लाख से अधिक लोग दिव्यांग व्यक्तियों की श्रेणी में आते हैं।
उन्होंने कहा, ‘हम दिव्यांग व्यक्तियों और 80 वर्ष से अधिक आयु वाले वोटरों को पोलिंग स्टेशनों पर आकर अपनी वोट डालने के लिए उत्साहित करते हैं परन्तु यदि वह अपनी सेहत स्थिति के कारण पोलिंग स्टेशन पर आकर वोट डालने से असमर्थ हैं तो ईसीआइ ने इनके लिए पोस्टल बैलेट की सुविधा प्रदान की है।’ उन्होंने आगे कहा कि दिव्यांग व्यक्ति पोलिंग बूथों पर पहुँचने के लिए पीक एंड ड्रॉप सुविधा भी प्राप्त कर सकते हैं। डा. राजू ने बताया कि भारत के पासपोर्ट रखने वाले एन.आर.आई. वोटरों को उत्साहित करने के लिए वोटिंग प्राथमिकता आदि समेत विशेष प्रबंध किये जा रहे हैं जिससे वह बिना किसी मुश्किल के अपनी वोट डाल सकें। उन्होंने कहा कि वोटरों की सुविधा के लिए एनएसएस, एनसीसी और भारत स्काउटस एंड गाइडों के लगभग 1.5 लाख वालंटियरों को लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि ट्रांसजैंडर के वोटरों को वोट डालने के लिए उत्साहित करने के लिए ‘महिला, पुरुष और ट्रांसजैंडर, लोकतंत्र में सब समान’ के नारे के अंतर्गत जागरूकता पैदा की जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि सर्विस वोटर, दिव्यांग व्यक्ति, ट्रांसजैंडर और नौजवान वोटरों की श्रेणियों की वोटर सूची में शामिल न किये गए योग्य वोटरों को शामिल करने के लिए विशेष संशोधन मुहिम चलाई जा रही है। सीईयो पंजाब ने इस दौरान ऐलईडी और ऑडियों सिस्टम से लैस 30 मोबाइल वैनें भी लांच की हैं, जो वोटरों को जागरूक करने, वोटर रजिस्ट्रेशन और वोटों वाले दिन वोट डालने का संदेश देने के लिए राज्य भर में चलेंगी। उन्होंने कहा कि छोटे जिलों को एक-एक वैन जबकि बड़े जिलों को वैनें दी जाएंगी और यह वैनें लोगों को उनके वोट के अधिकार के प्रति जागरूक करने के लिए स्वीप गतिविधियों के अंतर्गत ऑडियों-विजुअल संदेश, वीडियो क्लिप और जिंगल चलाए जाएंगे।
चुनाव के दौरान सुरक्षा बलों की ज़रूरत के बारे बताते हुये डा. राजू ने कहा कि उनको ज़िला मुखियों से 700 कंपनियों की माँग प्राप्त हुई है और समीक्षा के बाद अंतिम माँग भेज दी जायेगी। उन्होंने बताया कि पंजाब विधान सभा चुनाव करवाने के लिए राज्य सरकार ने 340 करोड़ रुपए का उपयुक्त बजट अलॉट किया है। ज़िक्रयोग्य है कि उप निर्वाचन आयुक्त (डीईसी) ईसीआइ नितेश कुमार व्यास ने शनिवार को राज्य में चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए सभी डिप्टी कमीशनरों-कम -ज़िला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओज) और सीपीज /एसएसपीज के साथ एक वर्चुअल मीटिंग की थी।

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