यूनियन ने क्रैशर नीति 2022 का जताया विरोध, नीति रद्द न होने पर संघर्ष की चेतावनी

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होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), गुरजीत सोनू। होशियारपुर क्रैशर यूनियन द्वारा पंजाब सरकार द्वारा लागू की गई क्रैशर नीति 2022 वापिस करवाने संबंधी जिलाधीश को एक ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा लागू की गई क्रैशर नीति 2022 संबंधी 5 सितंबर को जारी नोटीफिकेशन क्रैशर इंडस्ट्रीज को खत्म करने वाला है। सरकार ने क्रैशर नीति 2022 में क्रैशर की वार्षिक रजिस्ट्रेशन फीस रुपए 10 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी है। सरकार ने यह फीस 10 गुणा बढ़ा दी है।

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उन्होंने कहा कि अगर सरकार फीस बढ़ाना चाहती है तो 1 लाख में रजिस्ट्रेशन 3 वर्ष के लिए करे। इस अवसर पर प्रधान जतिंदर कुमार, गुरनाम, जतिंदर शर्मा, महिंदर सिंह बोहरा, रिषी अग्रवाल, अजय पाल साही, बलजिंदर सिंह राणा, नमित अग्रवाल, टंडन, कुलविंदर सिंह सरपंच, सौरव सैनी आदि बड़ी संख्या में यूनियन के पदाधिकारी व सदस्य ने सरकार के इस फैसले का जोरदार विरोध जताया। यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि सरकार ने क्रैशर नीति 2022 अनुसार हर क्रैशर को तीन लाख से 5 लाख रुपए सिक्योरिटी जमा करवाने के लिए कहा है। जिसका यूनियन विरोध करती है। क्योंकि, उन पर यह नीति लागू नहीं होती। यह नीति उन पर तब लागू होती है जब सरकार उन्हें कच्चा माल लीज़ पर या क्रैशर के नाम पर परमिट जारी करके सीधा देती है। लेकिन, सरकार कच्चा माल ठेकेदार द्वारा देती है जिससे यह सिक्योरिटी ठेकेदार की बनती है न कि उनकी। सरकार ने क्रैशर नीति 2022 अनुसार पक्के माल का बेच मुल्य निश्चित करने के लिए कहा है, जिसका वह विरोध करते है। सरकार ने कच्चे माल का मूल्य 5 रुपये 50 पैसे से बढ़ाकर 9 रुपए कर दिया है। जिससे पक्का माल बेचने के लिए कच्चे माल का मूल्य पुन: 5.50 रुपए किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस नीति के तहत हर क्रैशर के किनारे लगाने का काम किया है, जिसका वह विरोध करते हैं।

कच्चा माल सरकार के खातों में नोट होकर क्रैशर पर आता है। इसके बाद पक्के माल की मिनती हर माह सरकार द्वारा बनाए फार्मूले अनुसार बिजली के बिल के साथ नोट की जा रही है। इसलिए क्रैशर पर किनारे लगाने वाली नीति क्रैशर वालों पर अधिक वित्तीय बोझ डालने वाली है। कुछ दिनों से कुछ सरकारी टीमें क्रैशरों पर जाकर पानी री-साइकिल करवाने वाले छोटे-छोटे खड्डे की मिणती करके क्रैशर वालों को नाजायज माइनिंग के नोटिस भेज रही हैं। इस कार्रवाई को जल्द बंद किया जाए और नोटिस वापिस लिए जाएं। सरकार ने क्रैशर नीति 2022 अनुसार पक्के माल पर 1 रुपए पर्यावरण सैस जमा करवाने के लिए कहा है। जिसका वह विरोध करते है तथा यह नीति तब लागू होती है जब सरकार उन्हें कच्चा माल लीज़ पर क्रैशर के नाम परमिट जारी करके सीधा देती है। कच्चे माल की लगातार उपलब्धता अभी काफी समय तक मुमकिन नहीं लग रही। सरकार जल्द से जल्द कच्चा माल उपलब्ध करवाकर उन्हें क्रैशर चलाने की अनुमति दे। उन्होंने कहा कि 5 सितंबर 2022 को जारी नोटीफिकेशन अनुसार क्रैशर के आस-पास फैसिंग लगाने के लिए कहा गया है। उनके क्रैशर कई महीनों से बंद होने के कारण उन्हें पहले ही काफी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा हैं। इस उपरांत क्रैशर के आस-पास फैसिंग लगाने वाला फैसला भी आर्थिक बोझ बढ़ाने वाला है। वह पहले सरकार की सभी शर्ते पूरी करके ही क्रैशर लगाते है। यूनियन सदस्यों ने कहा कि अगर सरकार उनकी उक्त मांगों पर जल्द ध्यान नहीं देती तो मजबूरन उन्हें अपना संघर्ष बड़े स्तर पर तेज करना होगा और उनके सडक़ों पर उतरने को विवश होना पड़ेगा। जिसकी पूरी जिम्मेवारी सरकार की होगी।

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