Monday, October 26, 2026
Home Hoshiarpur मलेरियां के खात्मे के लिए लोगों का जागरुक होना जरुरी: ब्रम शंकर...

मलेरियां के खात्मे के लिए लोगों का जागरुक होना जरुरी: ब्रम शंकर जिंपा

होशियारपुर, (द स्टैलर न्यूज़): कैबिनेट मंत्री पंजाब ब्रम शंकर जिंपा ने कहा कि मलेरिया व डेगूं जैसी बीमारियों के खात्मे के लिए स्वंय जागरुक होना बहुत जरुरी है, तभी इसी बीमारी पर नियंत्रण पाया जा सकेगा। वे आज विश्व मलेरिया दिवस पर रयात-बाहरा इंस्टीट्यूट में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में बतौर मुख्य मेहमान संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उनके साथ सिविल सर्जन डा. परमिंदर कौर भी मौजूद थे। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री ने पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में पहला, दूसरा व तीसरा स्थान हासिल करने वाले बच्चों को सम्मानित किया व मलेरियां से संबंधित जागरुकता पोस्टर भी रिलीज किया।

Advertisements

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मलेरिया को फैलने से रोकने के लिए जमीनी स्तर पर लोगों को जागरुक करना होगा। उन्होंने कहा कि लोग अपने आस-पास साफ सफाई यकीनी बनाए व पानी एकत्र न होने दे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम व परिषदों को एकजुटता के साथ मलेरिया के खात्मे के लिए काम करने के लिए कहा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि शहरी इलाकों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों पर भी फोकस किया जाए, जिसमें ग्राम पंचायतों को जागरुक कर उनका सहयोग लें। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे छतों पर टायर, खाली बर्तन व कबाड़ आदि एकत्र न होने दें क्योंकि बरसातों के दिनों में इनमें पानी एकत्र हो जाता है व यह मच्छरों का लारवा पैदा करने में सहायक बनता है।          
सिविल सर्जन डा. परमिंदर कौर ने कहा कि कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है। उन्होंने कहा कि मलेरिया बुखारा मादा मच्छर के काटने से फैलता है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2027 तक पंजाब को मलेरिया मुक्त करना है और इस लक्ष्य को लोगों के सहयोग से पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मलेरिया एक किस्म का गंभीर बुखार है, जो कि मादा एनेफ्लीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह प्लासमोडियम के तौर पर जाने जाते परजीवी के कारण होता है, जो पैरासाइड है। उन्होंने कहा कि गर्मियों व बरसातों के मौसम के दौरान घरों में मच्छरों की भरमार होनी शुरु हो  जाती है। उन्होंने कहा कि मच्छर का लारवा पैदा होने के लिए एक चम्मच पानी ही काफी होता है। उन्होंने मलेरिया के लक्षणों का जिक्र करते हुए कहा कि बुखार से सिर दर्द, उल्टियां व कंपकंपी से तेज बुखार रहना है।

जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. लखबीर सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से समय-समय पर जागरुकता अभियान चला कर मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से बचने के प्रति जागरुक किया जाता है। उन्होंने कहा कि  हर शुक्रवार ड्राई डे मनाया जाता है व छप्पड़ों आदि से मच्छरों के खात्मे के लिए गंबुजिया फिश डाली जाती है ताकि इनका लारवा पैदा न हो सके। इस मौके पर मैडिकल कमिश्नर डा. हरबंस कौर, सहायक सिविल सर्जन डा. पवन कुमार, सीनियर मैडिकल अधिकारी डा. स्वाति, डा. डी.पी. सिंह, पूर्व पार्षद अजय मोहन बब्बी, आम आदमी पार्टी के शहरी अध्यक्ष वरिंदर शर्मा बिंदू, सतवंत सिंह सियान, डा. चंद्र मोहन, के अलावा अलग-अलग ब्लाकों के सीनियर मैडिकल अधिकारी उपस्थित थे। इससे पहले उन्होंने देश भगत टैक्नीकल कालेज में 22 वीं वार्षिक कनवोकेशन में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने टेक्नीकल कोर्स करने वाले करीब 200 विद्यार्थियों को डिग्रियां वितरित की व उनके उज्जवल भविष्य के लिए कामना की। इस दौरान उनके साथ कालेज के चेयरमैन बलविंदर सिंह, एम.डी. जसप्रीत सिंह भी मौजूद थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here