
तलवाड़ा (द स्टैलर न्यूज़)। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) द्वारा आज मुख्य अभियंता राकेश गुप्ता के मार्गदर्शन में ‘प्रिवेंटिव विजिलेंस’ (अग्रिम सतर्कता) विषय पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में उप मुख्य सतर्कता अधिकारी, इंजीनियर ज़िले सिंह ने इस विषय से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा की। इस कार्यक्रम के दौरान उप मुख्य अभियंता विमल कुमार मीना ने कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कहा कि अग्रिम सतर्कता किसी भी संस्थान की कार्यकुशलता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए उप मुख्य सतर्कता अधिकारी इंजीनियर ज़िले सिंह ने प्रिवेंटिव विजिलेंस के प्रमुख पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सतर्कता का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना ही नहीं है, बल्कि नियमों की सही जानकारी प्रदान करके भ्रष्टाचार एवं त्रुटियों की संभावनाओं को प्रारंभिक स्तर पर ही समाप्त करना भी है। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया, केंद्रीय सतर्कता आयोग की हिदायतों, पारदर्शी खरीद प्रणाली तथा कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट में आने वाली चुनौतियों का नियमों के अनुसार समाधान करने संबंधी महत्वपूर्ण बिंदु साझा किए। उन्होंने शिकायतों के समयबद्ध निपटारे तथा कार्यालयीन कार्यकुशलता को उच्च स्तर की ईमानदारी एवं निष्ठा के साथ आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया।
अधीक्षण अभियंता मनवीन चौधरी ने इस अवसर पर कार्यशाला के लिए तलवाड़ा पहुंचने पर उप मुख्य सतर्कता अधिकारी इंजीनियर ज़िले सिंह तथा उनकी टीम के सदस्य एडीई गगन सिंह का स्वागत किया। कार्यशाला के दौरान अधिकारियों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों एवं शंकाओं का समाधान किया गया तथा उन्हें आवश्यक जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर अन्य अधिकारियों के अलावा अधीक्षण अभियंता अजीत कुमार, अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता विनय कुमार, कार्यकारी अभियंता हरप्रीत सिंह एवं गौरव लांबा सहित ब्यास डैम परियोजना के विभिन्न विभागों के अभियंताओं एवं अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और अधिकारियों को सतर्कता संबंधी नियमों एवं प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक करना था।












