
हरियाणा (द स्टैलर न्यूज़)। हरियाणा की 26 वर्षीय नीरू ढांडा ने एशियाई खेलों की महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर शानदार जीत दर्ज की है। नीरू एशियाई खेलों में महिला ट्रैप या स्कीट की व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। उन्होंने फाइनल में 28 अंक जुटाकर नया एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया। नीरू ने फाइनल में चीन की सुन युनोंग को पीछे छोड़ा, जिन्होंने 26 अंक के साथ रजत पदक जीता। कुवैत की अब्दुलमलिक हाजर 21 अंक के साथ कांस्य पदक जीतने में सफल रहीं। नीरू का 28 अंक का स्कोर पिछले 24 अंक के एशियाई रिकॉर्ड से बेहतर रहा। नीरू ने क्वालीफिकेशन में 118 अंक के साथ कतर की रे बेसिल के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान हासिल किया और आठ निशानेबाजों के फाइनल में जगह बनाई। 118 अंक क्वालीफिकेशन में एशियाई खेलों का रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले किसी भारतीय महिला ट्रैप निशानेबाज ने एशियाई खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक नहीं जीता था।

भारत के लिए पुरुष ट्रैप की व्यक्तिगत स्पर्धा में रणधीर सिंह ने 1978 में स्वर्ण पदक जीता था, जबकि रोंजन सोढ़ी ने 2010 एशियाई खेलों में पुरुष डबल ट्रैप का व्यक्तिगत स्वर्ण हासिल किया था। नीरू ने महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में भी भारत को रजत पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। नीरू (118), आशीमा अहलावत (106) और मनीषा कीर (104) की भारतीय टीम ने कुल 328 अंक जुटाए। चीन की टीम ने 346 अंक के साथ स्वर्ण और कुवैत ने 325 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। आशीमा अहलावत व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में 16वें और मनीषा कीर 23वें स्थान पर रहीं। दोनों फाइनल में जगह नहीं बना सकीं। नीरू का गोल्ड मेडल भारतीय ट्रैप शूटिंग के साथ-साथ भारतीय सेना के लिए भी गर्व का पल था। जब भारतीय सेना ने महिलाओं के लिए भर्ती शुरू की, तो नीरू ‘कोर ऑफ मिलिट्री पुलिस’ में शामिल हो गईं. बाद में उन्हें इंदौर के करीब महू (Mhow) में इन्फैंट्री स्कूल की ‘आर्मी मार्कस्मैनशिप यूनिट’ (AMU) के लिए चुना गया। यह यूनिट सेना के ‘मिशन ओलंपिक्स विंग’ के तहत सटीक निशानेबाजी के लिए भारत के प्रमुख सेंटर में से एक है। आज नीरू ‘नायब सूबेदार’ के पद पर हैं और जल्द ही ‘सूबेदार’ के पद पर प्रमोट होने वाली हैं।












