Sunday, October 25, 2026
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बॉलीवुड अभिनेत्री शमिता शेट्टी को होने वाली बिमारी एंडोमेट्रिओसिस का क्या है आयुर्वेदिक उपचार?: डा. चंचल शर्मा

दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। ग्लैमरस एक्टर, मॉडल और इंटीरियर डिजाइनर रह चुकीं मशहूर बॉलीवुड एक्ट्रेस शमिता शेट्टी की एक वीडियो अभी सोशल मीडिया पर काफी ट्रेंड कर रही है। आइये जानते हैं उस वीडियो में ऐसा क्या है और किस बीमारी से जूझ रही हैं शमिता शेट्टी ? क्या आयुर्वेदा में उसका इलाज संभव है? हाल ही में बिग बॉस 15 की कंटेस्टेंट रह चुकी शमिता शेट्टी ने एक वीडियो पोस्ट करके अपने फैंस को एक चौंका देने वाली खबर दी। उन्होंने बताया कि एंडोमेट्रिओसिस नामक बीमारी से ग्रसित होने के कारण उन्हें अभी सर्जरी करानी पड़ी है। उन्होंने महिलाओं से अनुरोध किया की आप सभी इसके बारे में गूगल पर सर्च करें और लक्षण दीखते ही टेस्ट कराएं क्यूंकि इस बीमारी के बारे में आसानी से पता भी नहीं चलता है और यह बहुत कष्दायक होता है। इस एक खबर ने एंडोमेट्रिओसिस के बारे में जानने की लोगों की जिज्ञासा को और भी बढ़ा दिया।

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आइए जानते हैं एंडोमेट्रिओसिस क्या है?

इस बीमारी के विषय में सटीक जानकारी देते हुए आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ चंचल शर्मा ने बताया कि एंडोमेट्रिओसिस महिलाओं के प्रजनन अंग, गर्भाशय से जुड़ी बीमारी है, जिसके बारे में बहुत कम लोगों को पूरी जानकारी होती है। एंडोमेट्रियल टिशू की परत टूटने की वजह से महिलाओं का पीरियड्स आता है। लेकिन जब यही टिशू गर्भाशय के बाहर ओवरी या फॉलोपियन ट्यूब तक बढ़ जाता है तो एंडोमेट्रिओसिस की समस्या दिखाई देती है। पीरियड्स के दौरान ब्लड के रूप में गर्भाशय के टिशू तो शरीर के बाहर आ जाते हैं लेकिन शरीर के अन्य हिस्सों में फैलकर विकसित होने टिशू शरीर में रहकर महिलाओं के लिए परेशानी का कारण बन जाते हैं।

एंडोमेट्रिओसिस से बचाव के लिए आप क्या कर सकते हैं?

आयुर्वेदा के अनुसार यह बीमारी शरीर में मौजूद तीन दोष -वात, पित्त, कफ के असंतुलन के कारण होता है इसलिए आप उपचार के साथ कुछ सावधानियां बरत कर इस बिमारी के जोखिम से अपना बचाव कर सकते हैं। आप अपने आहार में कुछ परिवर्तन करके संतुलित मात्रा में पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल कर सकते हैं। आप तनाव से जितना हो सकते दूर रहें। नियमित रूप से एक्सरसाइज करें। मासलेदार, तली हुयी चीजें, नशीले पदार्थ, अत्यधिक कैफीन आदि के सेवन से बचें।

एंडोमेट्रिओसिस का आयुर्वेदिक उपचार है संभव?

आयुर्वेदा की खास बात है कि इसमें किसी भी बीमारी के रुट कॉज को समझते हुए फिर इलाज की प्रक्रिया शुरू की जाती है। एंडोमेट्रिओसिस में भी शरीर के अंदर पाए जाने वाले तीन दोषों का संतुलन बिगड़ जाता है इसलिए उसे नियंत्रित करने के लिए आयुर्वेदिक दवाइयां, मालिश, पंचकर्म थरेपी, डाइट, एक्सरसाइज आदि की सहायता ली जाती है। और इस प्रकार जब स्थिति नियंत्रित हो जाए तो महिला माँ भी बन सकती है। आप अपने शरीर के दर्द को नजरअंदाज न करें बल्कि अपने आस पास स्थित किसी डॉक्टर से अवश्य संपर्क करें।

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