
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), संदीप डोगरा। लोकसभा चुनाव के चलते चुनाव आयोग के निर्देशों पर उम्मीदवारों की एक-एक हरकत एवं खर्च पर नज़र रखी गई है और इसके लिए बाकायदा तौर पर निगरानी टीमों की भी तैनाती की गई है ताकि बिना आज्ञा या नियमों के विपरीत उम्मीदवारों या राजनीतिक पार्टियों द्वारा किए गए कार्यों पर उनके खिलाफ कार्यवाही की जा सके। परन्तु मौके की सत्ता पक्षा पार्टी आम आदमी पार्टी पर शायद नियम लागू नहीं होते। जिसके चलते आप द्वारा अपने उम्मीदवार के पक्ष में लोगों को की गई अपील संबंधी लगाए गए फ्लैक्स बोर्डों पर किसी भी तरह की प्रशासन से ली गई स्वीकृत्ति अंकित नहीं की गई है। अधिकतर बोर्ड बिना आज्ञा अंकित किए ही मुख्य चौराहों पर दिखाई दे रहे हैं, जबकि अन्य पार्टियों द्वारा लगवाए गए बोर्डों पर एक कोने में स्वीकृत्ति संबंधी पत्र को अंकित किया गया है।

अब सवाल यह है कि अगर चुनाव निष्पक्ष करवाया जा रहा है तो फिर आप पर इतनी मेहरबानी क्यों? इसे लेकर राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम शहरी में भी चर्चाओं का बजारा पूरी तरह से गर्म है। शहर के मुख्य चौराहों पर लगाए गए इन बोर्डों के आगे से दिन में शायद कई बार निगरानी टीमें गुजरती होंगी, शायद वह इनके आगे से गुजरते समय आंखें बंद कर लेती होंगी, क्योंकि अगर उन्हें बोर्ड पर स्वीकृत्ति नहीं लगाई गई दिख जाती तो शायद टीम सदस्य बोर्ड को तुरंत उतार देते। लेकिन एेसा कुछ भी देखने को नहीं मिल रहा। जिसके चलते निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर सवालिया निशान लग रहा है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन द्वारा इस पर क्या कार्यवाही की जाती है या फिर मेहरबानी भरा हाथ रखा जाता है।












