
दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के विधानसभा चुनाव में पंजाबी मूल के 15 उम्मीदवारों ने अपना दबदबा कायम किया है। इनमें 12 उम्मीदवार कंजरवेटिव पार्टी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया और तीन न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) के हैं। चुनाव में कंजरवेटिव पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सरे शहर की सभी 10 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की। शुरुआती नतीजों के अनुसार, 93 सदस्यीय विधानसभा में कंजरवेटिव पार्टी 64 सीटों पर आगे रही, जबकि एनडीपी को 27 और ग्रीन पार्टी को दो सीटें मिलीं। अंतिम मतगणना के बाद सीटों की संख्या में बदलाव संभव है। ब्रिटिश कोलंबिया के सरे शहर में पंजाबी समुदाय की बड़ी आबादी रहती है। यहां कंजरवेटिव पार्टी ने सभी 10 विधानसभा क्षेत्रों में जीत हासिल कर राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। मंदीप सिंह ढालीवाल ने सरे नॉर्थ सीट बरकरार रखी। हरज ढालीवाल ने सरे-न्यूटन सीट पर जीत दर्ज की। गैरी थिंड ने सरे-गिल्डफोर्ड और गैरी पुरेवाल ने सरे-फ्लीटवुड सीट पर जीत हासिल की। वहीं, जीशान वहला ने सरे सिटी सेंटर और जेसी सहोता ने सरे-सर्पेंटाइन रिवर सीट अपने नाम की।

इन नतीजों में एनडीपी के कई मौजूदा विधायकों को हार का सामना करना पड़ा। सरे-फ्लीटवुड में एनडीपी के जग्रूप बराड़ की हार भी प्रमुख परिणामों में शामिल रही। बराड़ का जन्म पंजाब के बठिंडा जिले में हुआ था और वह 2004 से इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। ब्रिटिश कोलंबिया चुनाव में पंजाबी मूल के जिन 12 उम्मीदवारों ने कंजरवेटिव पार्टी के टिकट पर जीत हासिल की, उनमें मंदीप सिंह ढालीवाल (सरे नॉर्थ), हरज ढालीवाल (सरे-न्यूटन), जेसी सहोता (सरे-सर्पेंटाइन रिवर), गैरी थिंड (सरे-गिल्डफोर्ड), जीशान वहला (सरे सिटी सेंटर), हरमन भंगू (लैंगली-अबॉट्सफोर्ड), जोडी तूर (लैंगली-विलोब्रुक), स्टीव कूनर (रिचमंड-क्वींसबरो), गैरी पुरेवाल (सरे-फ्लीटवुड), मोनिका मोहन (डेल्टा नॉर्थ), पवनीत सिंह (केलोना-लेक कंट्री-कोल्डस्ट्रीम) और दीप संधू (वैंकूवर-फ्रेजरव्यू) शामिल हैं। एनडीपी की ओर से राज चौहान ने बर्नाबी-न्यू वेस्टमिंस्टर, निकी शर्मा ने वैंकूवर-हास्टिंग्स और रोहिणी ‘रेह’ अरोड़ा ने बर्नाबी ईस्ट सीट पर जीत हासिल की। इस चुनाव में पंजाबी मूल के उम्मीदवारों की सफलता ने कनाडा की प्रांतीय राजनीति में समुदाय की मौजूदगी को फिर रेखांकित किया है।












