
चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़), नीरज धीमान। पंजाब में इलेक्ट्रॉनिक कचरा (E-Waste) प्रबंधन को लेकर स्कूल स्तर पर एक बड़ा कदम उठाया गया है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ और ‘मिशन लाइफ’ के तहत #SpecialCampaign6 अभियान चलाया जा रहा है। राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल मुखियों को ई-वेस्ट जागरूकता और संग्रहण अभियान के संदर्भ में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

निर्देशों के अनुसार, इको क्लबों के नेतृत्व में चलने वाले इस अभियान के तहत जिन स्कूलों में अभी तक विद्यार्थियों को ई-वेस्ट के प्रति जागरूक नहीं किया गया है, वहां सुबह की प्रार्थना सभा में जागरूकता फैलाना सुनिश्चित किया जाए। स्कूलों में मौजूद पुराने और ना-इस्तेमाल होने वाले कंप्यूटर हार्डवेयर की तुरंत पहचान की जानी चाहिए। विभाग ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे पोस्टर मेकिंग, निबंध मुकाबले और ई-वेस्ट आर्ट इंस्टॉलेशन जैसी गतिविधियां करवाएं तथा इनकी तस्वीरें स्कूल के सोशल मीडिया अकाउंट्स और Mstar पोर्टल पर अपलोड करें। प्राइवेट स्कूलों की कम भागीदारी को देखते हुए उन्हें भी इस मुहीम में तेजी से शामिल होने को कहा गया है।
आदेशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि विद्यार्थी या शिक्षक घर से ई-वेस्ट स्कूल में जमा करवाते हैं, तो उचित विधि अपनाते हुए उस कचरे के पैसे उन्हें वापस किए जाने चाहिए। 28 अक्टूबर 2026 को सभी स्कूलों की सुबह की सभा में “ई-वेस्ट मैनेजमेंट” विषय पर एक शॉर्ट क्विज आयोजित करना अनिवार्य होगा। ई-कचरा रीसाइकलर को सौंपते समय रसीद लेना भी जरूरी है। प्राइमरी स्कूल ई-वेस्ट निपटारे के लिए नजदीकी मिडिल, हाई या सीनियर सेकेंडरी स्कूलों की मदद ले सकते हैं।
यह संपूर्ण अभियान 28 अक्टूबर 2026 तक पूरा किया जाना है। अभियान के समापन पर सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) को आधिकारिक रूप से यह सर्टिफिकेट देना होगा कि उनके अधीन आते किसी भी स्कूल में अब कोई अनुपयोगी ई-वेस्ट निपटारे के लिए शेष नहीं है। इसके अलावा, पूरी प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के भी सख्त निर्देश दिए गए हैं।












