
चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। चंडीगढ़ में राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता और समाज सेवा के लिए रूस में भी सम्मानित हो चुके नेशनल यूथ अवॉर्डी रोहित कुमार ने पुलिस चौकी में उनके साथ मारपीट के आरोप लगाए थे। जिसके बाद कार्रवाई करते हुए 2 ASI और 1 कॉन्स्टेबल को लाइन हाजिर किया गया। जिसके बाद रोहित कुमार ने कहा कि इन्हें लाइन हाजिर नहीं बल्कि इनके खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये पुलिसकर्मी 3 नहीं बल्कि 4 थे। एक को बचाने की कोशिश की जा रही हैं, लेकिन वो चुप कर नहीं बैठेगा। न्याय के लिए कोर्ट तक जाएगा।

बता दें कि मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अफसरों ने ASI सेवा सिंह, ASI रणजीत सिंह और कॉन्स्टेबल दीपक को लाइन हाजिर कर दिया था। रोहित ने कहा कि अगर उसे चंडीगढ़ पुलिस विभाग के सीनियर अफसरों द्वारा इंसाफ नहीं मिला, तो वह कोर्ट जाकर इंसाफ की मांग करेगा। डीएसपी जसविंदर सिंह उनके बयान दर्ज करके लेकर गए हैं। उन्होंनें कहा कि जल्द सभी पर कार्रवाई की जाएगी। मारपीट के बाद रोहित का अंगूठा टूट गया, सिर और चेहरे पर सूजन आ गई और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट पहुंची। पीड़ित रोहित ने बताया कि वह और उसका दोस्त गोबिंद शनिवार शाम हल्लोमाजरा चौकी पहुंचे थे, जहां उनकी दो परिचित लड़कियां अपने पिता के खिलाफ शारीरिक शोषण की शिकायत दर्ज कराने आई थीं।
रोहित का आरोप है कि पुलिस ने लड़कियों की मदद करने के बजाय उन्हें थप्पड़ मारने शुरू कर दिए। जब रोहित और उसके दोस्त ने पुलिस से मानवता दिखाने की अपील की, तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें भी बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। जानकारी अनुसार, पुलिस चौकी में भी सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, जिसमें सब कैद हुआ है। इसके अलावा, वहां मौजूद लोगों ने भी अपने मोबाइल में वीडियो बनाई, जिसमें रोहित घायल अवस्था में जमीन पर पड़ा दिख रहा है, जबकि पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद हैं। रोहित और गोबिंद का आरोप है कि चौकी में मौजूद पुलिसवालों ने उनसे मारपीट की। वे नशे की हालत में थे और उन्होंने डंडों, लात-घूंसों से बुरी तरह मारा। फिलहाल मामले की गंभीरता से जांच जारी है।











