
दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा से न्यायिक जिम्मेदारियां वापिस ले ली गई है। हाईकोर्ट के अपडेटेड कॉज सूची के अनुसार अगले आदेश तक जस्टिस वर्मा को न्यायिक कार्य से दूर रखा गया है। हाईकोर्ट ने यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के आदेश के बाद लिया है। बता दें कि जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास में आग लगने से उनके घर से करोड़ों की नकदी बरामद हुई थी। लेकिन, दूसरी तरफ जस्टिस यशवंत वर्मा ने आरोपो का खंडन करते हुए कहा कि न तो उनके पास और न ही उनके परिवार के पास यह नकदी है।

उन्होंने यह भी कहा कि यह उन्हें फंसाने के उद्देश्य से की गई एक जानबूझकर की गई साजिश है। इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय ने शनिवार देर रात दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय द्वारा हाईकोर्ट के न्यायाधीश यशवंत वर्मा से संबंधित विवाद पर दायर जांच रिपोर्ट जारी की थी। सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस यशवंत वर्मा का दिल्ली हाईकोर्ट से इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर करने की अनुशंसा की थी। मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने 21 मार्च को बयान जारी कर कहा था कि जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास से नकदी बरामद होने की खबर से उनके इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर करने की अनुशंसा का कोई संबंध नहीं है।












