
नई दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक माइक्रोसॉफ्ट ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी करने की घोषणा की है। कंपनी ने अपने करीब 60,000 कर्मचारियों को मर्जी से नौकरी छोड़ने यानी ‘वॉलेंटियरी बायआउट’ का ऑफर दिया है। 30 जून 2026 तक माइक्रोसॉफ्ट के कुल 2.23 लाख कर्मचारी थे, ऐसे में इस कदम का मतलब है कि कंपनी अपनी कुल वर्कफोर्स में करीब 27 प्रतिशत (लगभग एक चौथाई) की भारी कटौती करने जा रही है। कंपनी के मुताबिक, अमेरिका, कनाडा, भारत और ब्रिटेन में वाइस प्रेसिडेंट (VP) लेवल और उससे नीचे की कुछ चुनिंदा टीमों के कर्मचारी इस बायआउट ऑफर के लिए योग्य होंगे। जानकारी के अनुसार, एआई एक्सपीरियंस, कोपायलट, फाइनेंस, ह्यूमन रिसोर्सेज, एक्सबॉक्स और विंडोज+ डिवाइसेस से जुड़े कर्मचारियों को इसमें शामिल किया गया है। हालांकि, डेटा सेंटर, सेल्स, मार्केटिंग, कमर्शियल बिजनेस और सिक्योरिटी जैसी टीमों को इस ऑफर से बाहर रखा गया है।

माइक्रोसॉफ्ट का यह इस साल का दूसरा बायआउट ऑफर है। इससे पहले अप्रैल में कंपनी ने अमेरिका में अपने 7 फीसदी कर्मचारियों (करीब 9,000 लोगों) को बायआउट ऑफर दिया था और इसके बाद जुलाई में भी 4,800 लोगों की छंटनी की थी। अब महज 6 महीने बाद ही कंपनी ने दुनियाभर में 60,000 कर्मचारियों को यह ऑफर थमा दिया है। दरअसल, अन्य टेक दिग्गज कंपनियों की तरह माइक्रोसॉफ्ट भी एआई (AI) डेटा सेंटर्स और चिप्स पर अरबों डॉलर खर्च कर रही है। कर्मचारियों को निकालकर बचाए जा रहे पैसे को एआई में निवेश किया जा रहा है। हालांकि, निवेशक इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि इस भारी-भरकम खर्च के बदले कंपनी को माकूल रिटर्न मिलेगा या नहीं, क्योंकि माइक्रोसॉफ्ट ने इस साल एआई पर 175 अरब डॉलर के खर्च का अनुमान जताया है।












