
नई दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। आज मंगलवार को 12 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने कृषि कानूनों के लिए आदेश देते हुए अगले आदेशों तक इन कानूनों को लागू करने पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से इन कानूनों पर चर्चा करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है। जिसके तहत हरसिमरत मान, कृषि अर्थशास्त्री अशोक गुलाटी, डा. प्रमोद कुमार जोशी (पूर्व निदेशक राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन), अनिल धनवत के नाम कमेटी सदस्यों के तौर पर शामिल किए हैं। बताते चलें कि किसान संगठन समिति का विरोध कर रहे थे लेकिन सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि वो इसके लिए अंतरिम आदेश देंगे।

किसानों के पक्ष में आए वकील शर्मा ने कहा कि किसान संगठन एससी. की ओर से समिति गठित किए जाने के पक्ष में नहीं है और वह समिति के सामने नहीं जाना चाहते हैं। इस बात पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर किसान समस्या का समाधान चाहते हैं तो उन्हें कमेटी के समक्ष जाना होगा। गौरतलब है कि श्री शर्मा ने कहा कि उन्होंने किसानों से बात की है तथा किसानों का कहना है कि वह इस मसले पर कमेटी के समक्ष पेश नहीं होंगे बल्कि वह इन कानूनों को रद्द करना चाहते हैं। कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि कोई भी ताकत उन्हें कृषि कानूनों के गुण और दोष के मूल्यांकन के लिए एक समिति गठित करने से नहीं रोक सकती। कोर्ट के अनुसार यह समिति न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा होगी और समिति बताएगी कि किन प्रावधानों को हटाया जाना चाहिए। वहीं, सीजेआई ने कहा कि कोई जानकार व्यक्ति किसानों के समक्ष जाकर उनसे बहस करे ताकि किसानों को किस प्वाइंट पर दिक्कत आ रही है उसे स्पष्ट किया जा सके।












