
चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। पंजाब के सरकारी स्कूलों के 20 विद्यार्थी राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा (एन.टी.एस.ई.) में सफल हुए हैं। शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला ने इस शानदार सफलता के लिए विद्यार्थियों, उनके माता-पिता, अध्यापकों और स्कूल मुखियों को विद्यार्थियों की मेहनत और गौरवमई प्राप्ति के लिए मुबारकबाद दी। मंत्री ने कहा कि पिछले साल के मुकाबले इस साल सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने एन.टी.एस.ई. में ज्यादा बढ़िया प्रदर्शन किया है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की तरफ से अपनाई गई नीतियों और सुधारों के अलावा शिक्षा विभाग के अध्यापकों और अन्य स्टाफ के सौहृदर्य यत्नों ने भी विद्यार्थियों को सभी मुकाबलों में शानदार बनाने में सहायता की। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों को एन.टी.एस.ई. के लिए मुफ्त कोचिंग क्लासों की सुविधा दी है और कोविड महामारी के मुश्किल समय के दौरान अध्यापकों, स्कूल मुखियों, रिसोर्स पर्सन और अन्य स्टाफ ने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने के लिए सख्त मेहनत की थी।
विजय इंदर सिंगला ने बताया कि एन.टी.एस.ई. नेशनल कौंसिल आफ ऐजुकेशनल रिर्सच एंड ट्रेनिंग (एन.सी.ई.आर.टी.) की तरफ से राष्ट्रीय स्तर पर सिर्फ 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए दो पड़ावों में करवाई जाती है। उन्होंने कहा कि परीक्षा का उद्देश्य 10वीं कक्षा में पढ़ रहे आदर्श विद्यार्थियों को वजीफे की सुविधा देना है। उन्होंने आगे कहा कि एनटीएसई पास करने वाले विद्यार्थियों को 11वीं और 12वीं कक्षा के लिए 1250 रुपए प्रति महीना और ग्रेजुएशन और उच्च शिक्षा के लिए 2000 रुपए प्रति महीना वजीफा सरकार की तरफ से दिया जाता है। उन्होंने आगे कहा कि इसके अलावा कई और कोचिंग लाभ दिये जाते हैं।
श्री सिंगला ने बताया कि सीनियर सेकंडरी स्कूल बाड़े की छात्रा गगनदीप कौर ने मानसिक योग्यता टैस्ट (मैटा) में 98 प्रतिशत अंक प्राप्त करके पहला स्थान प्राप्त किया है, जबकि सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूल बलेल के हसल के हरप्रीत सिंह ने वजीफा योग्यता टैस्ट (सैट) 85 प्रतिशत अंक प्राप्त करने में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है।











