
चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के इस्तेमाल किए जाने वाले सरकारी हेलीकॉप्टर के मिसयूज वाले पोस्ट पर पुलिस ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, आरटीआई एक्टिविस्ट और सोशल मीडिया चैनल पर मामला दर्ज किया है। पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज किए गए मामले में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर इन लोगों ने गलत जानकारी फैलाई। दरअसल इन लोगों ने एक पोस्ट में कहा था कि जिस समय पंजाब सीएम जापान और दक्षिण कोरिया की आधिकारिक यात्रा पर थे, उस समय उनका हेलिकॉप्टर कोई और ही इस्तेमाल कर रहा था। इसको लेकर उड़ान-ट्रैकिंग डेटा की गलत व्याख्या की गई थी। यह केस लुधियाना साइबर क्राइम पुलिस थाने के इंस्पेक्टर सतबीर सिंह ने दर्ज कराया है। यह FIR 12 दिसंबर को दर्ज की गई थी, लेकिन पुलिस ने इसे गुप्त रखा था।

जिन लोगों पर फिर दर्ज की गई है, उनमें इन्फ्लुएंसर मिंटू गुरुसरिया और आरटीआई एक्टिविस्ट माणिक गोयल का भी नाम है। पंजाब में विपक्ष के नेता और कांग्रेस विधायक प्रताप बाजवा ने आरटीआई कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मुख्यमंत्री मान की आलोचना की है। RTI एक्टिविस्ट माणिक गोयल ने इस मामले पर एक एक पोस्ट किया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की गैरमौजूदगी में सरकारी हेलीकॉप्टरों के इस्तेमाल पर सवाल उठाने के लिए उनके, पत्रकार मिंटू गुरुसरिया, मनिंदजीत सिद्धू समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
माणिक गोयल ने आरोप लगाया कि पिछले चार सालों से वे हेलीकॉप्टर और हवाई जहाज के इस्तेमाल और खर्च से संबंधित RTI डेटा सांझा करने से इनकार कर रहे हैं। अब जब हम सोशल मीडिया पर जायज़ सवाल उठाते हैं, तो वे पत्रकारों और कार्यकर्ताओं पर FIR दर्ज कर देते हैं। उन्होंने अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान से पूछा कि क्या यही वह लोकतंत्र है जिसके लिए हमने वोट दिया था। उन्होंने पूछा कि क्या यही वह बदलाव था जिसका आपने वादा किया था। सवालों के जवाब देने के बजाय आवाज़ों को दबाना और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।












