
हमीरपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट-रजनीश शर्मा। टौणी देवी क्षेत्र में नेशनल हाईवे बनने के बाद जहां एक ओर आवागमन तेज हुआ है, वहीं दूसरी ओर पार्किंग व्यवस्था के अभाव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। टौणी देवी मंदिर चौक सहित पूरे बाजार में सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण रोजाना जाम की स्थिति बन रही है, जिससे हादसों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नेशनल हाईवे निर्माण के दौरान पार्किंग के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई। मजबूरी में दुकानदारों, ग्राहकों और स्थानीय निवासियों को अपने वाहन सड़क किनारे खड़े करने पड़ रहे हैं। करीब एक किलोमीटर लंबे टौणी देवी बाजार में उहल चौक, माता मंदिर, कांगड़ा बैंक और अस्पताल चौक जैसे प्रमुख स्थानों पर यदि पहले ही पार्किंग स्थल विकसित किए जाते, तो आज यह समस्या इतनी गंभीर नहीं होती।
लोगों का यह भी मानना है कि हाईवे बनने के बाद सड़क पहले से ज्यादा संकरी महसूस होने लगी है। यदि सड़क के दोनों ओर ओपन नालियां बनाई जातीं, तो सड़क की चौड़ाई अधिक उपयोगी हो सकती थी। वर्तमान स्थिति में सड़क के किनारे खड़े वाहन यातायात को बाधित कर रहे हैं।
बाजार में रोजमर्रा के कार्यों—जैसे खरीददारी, बैंक, डाकघर, लोक निर्माण विभाग, तहसील और ब्लॉक कार्यालयों में आने वाले लोगों—को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। पार्किंग की उचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को लंबा इंतजार और जाम से जूझना पड़ता है।
हालांकि लोक निर्माण विभाग कार्यालय और वन विभाग रेस्ट हाउस के पास सीमित पार्किंग की सुविधा मौजूद है, लेकिन वह टौणी देवी जैसे व्यस्त कस्बे के लिए नाकाफी साबित हो रही है।
स्थानीय जनता का साफ कहना है कि केवल चालान काटना इस समस्या का समाधान नहीं है। व्हाइट लाइन या पीली पट्टी के बाहर वाहन खड़े करने पर सख्ती के बजाय प्रशासन को स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
लोगों ने सरकार, प्रशासन और स्थानीय नेतृत्व से मांग की है कि बाजार में नए पार्किंग स्थल विकसित किए जाएं और एक व्यवस्थित ट्रैफिक प्लान लागू किया जाए। नेशनल हाईवे बनने से क्षेत्र में ट्रैफिक लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में समय रहते उचित कदम न उठाए गए तो समस्या और विकराल हो सकती है। टौणी देवी में बढ़ती ट्रैफिक समस्या का समाधान केवल नियमों की सख्ती नहीं, बल्कि सुनियोजित पार्किंग व्यवस्था और सकारात्मक प्रशासनिक पहल में छिपा है।












