
जम्मू/पुंछ (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट-अनिल भारद्वाज। जम्मू-कश्मीर के जिला पुंछ के सावजियां क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य के दौरान पहाड़ से पत्थर गिरने के कारण एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि चार अन्य मजदूर घायल हो गए। हादसा अगन पत्थरी के निकट अकबर ढोक इलाके में सावजियां-गुलमर्ग सड़क पर हुआ। यहां जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (जीआरईएफ) के तहत सड़क निर्माण कार्य चल रहा था। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर की पहचान सावजियां के दन्ना गगरियां निवासी 45 वर्षीय मोहम्मद बशीर पुत्र अली मोहम्मद के रूप में हुई है। वह निर्माण स्थल पर मजदूरी कर रहा था। इसी दौरान पहाड़ से पत्थर खिसककर कार्यस्थल पर आ गिरे, जिनकी चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे में घायल हुए मजदूरों की पहचान चमी निवासी 40 वर्षीय मोहम्मद अशरफ पुत्र हट्टा राखी, गगरियां निवासी 45 वर्षीय शहबाज अहमद पुत्र मोहम्मद अब्दुल्ला, गगरियां निवासी 40 वर्षीय मंजूर अहमद तथा गगरियां निवासी 48 वर्षीय फारूक अहमद पुत्र अली मोहम्मद के रूप में हुई है। सभी घायलों को उपचार के लिए मंडी उपजिला अस्पताल पहुंचाया गया।
सीएमओ ने तुरंत भेजीं एंबुलेंस, चिकित्सा टीमों को किया अलर्ट
हादसे की सूचना मिलते ही पुंछ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. परवेज अहमद खान ने संबंधित अधिकारियों को घटनास्थल पर तुरंत एंबुलेंस भेजने के निर्देश दिए। इसके साथ ही घायलों को अस्पताल पहुंचने पर तत्काल उपचार उपलब्ध करवाने के लिए चिकित्सा टीमों को तैयार रखा गया। डॉ. खान ने मंडी के खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. रियाज जान सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिए कि घायलों को बिना किसी देरी के हरसंभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त चिकित्सा व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। सीएमओ डॉ. परवेज अहमद खान ने कहा कि हादसे की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध करवाने और चिकित्सा सहायता में किसी प्रकार की देरी न होने देने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी घायल को बेहतर उपचार के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र में भेजने की आवश्यकता पड़ती है, तो 108 एंबुलेंस सेवा के माध्यम से उसे निशुल्क रेफर किया जाए। घायलों को अस्पताल पहुंचाने और रेफरल की व्यवस्था में उन्हें अपनी जेब से कोई खर्च नहीं करना पड़ेगा। सीएमओ ने बताया कि घायलों को समय पर उपचार और आवश्यक चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के लिए वह स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।












