
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। बहुत ही शर्म की बात है कि भारत जिसे कृषि प्रधान देश की संज्ञा दी जाती है वहां पर अन्नदाता को अपने हकों के लिए धरने लगाने पड़ें। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि, केन्द्र की मोदी सरकार पूरी तरह से पूंजीपतियों के हाथों की कठपुतली बनकर व आंखों पर पट्टी बांधकर किसान विरोधी कानून लागू कर रही है। जोकि बहुत ही दुख एवं किसानों के लिए अपमान की बात है। जिसे किसी भी सूरत में माना नहीं जा सकता।

किसानों द्वारा की जा रही हक और सच की लड़ाई में आज हर भारतीय उनके साथ है। यह विचार जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष हरीश आनंद ने आज यहां जारी एक प्रैस विज्ञप्ति में कही। हरीश आनंद ने कहा कि मोदी सरकार किसानों को चौथे माह 2-2 हजार रुपये देकर उनसे उनके हक नहीं छीन सकती। मोदी सरकार के रवैये से लगता है कि वह किसानों को खुशहाल नहीं बल्कि भिखारी बनाने पर तुली हुई है। इतनी भयंकर ठंड में घरों से मीलों दूर धरने पर डटे किसानों के बारे में आए दिन भाजपा नेताओं द्वारा की जा रहीं टिप्पणियां उनके किसान विरोधी चेहरे को बेनकाब कर रही हैं।
हरीश आनंद ने कहा कि मोदी सरकार को जिन किसानों से बात करनी चाहिए उनसे तो बात करती नहीं बल्कि अपने चहेतों एवं चमचों से बात करके कृषि कानूनों पर कोरी वाहवाही लूटने में लगी है तथा देश का अधिकांश मीडिया भी मोदी सरकार के इशारे पर गल्त को सही साबित करने में लगा हुआ है। लेकिन अब किसान और जनता अपने हकों के लिए एकजुट हो चुकी है तथा किसान विरोधी बिलों पर मोदी सरकार का बचना मुश्किल है।












