
हमीरपुर, (द स्टैलर न्यूज़), रजनीश शर्मा । झनिक्कर में एनएच निर्माण कंपनी के खिलाफ चक्का जाम होने के बाद बुधवार को अब ठाणा दरोगण में पहिए जाम कर दिए गए। करीब एक घंटे के इस जाम में गाड़ियों को रोका गया। लोगों को चार दिन से बिजली और पानी न मिलने के कारण ठाणा दरोगण में गुस्सा फूट गया। मौके पर तहसीलदार बमसन डॉक्टर आशीष शर्मा, पुलिस चौकी की टीम , बिजली विभाग के एसडीओ, जेई और एनएच निर्माण कंपनी के सुपरवाइजर श्रीकांत के पहुंचने के बाद लोगों ने चक्का जाम सशर्त खोला। इस बीच हमीरपुर से भी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। लोग एनएच निर्माण में लगी कंपनी से पूरी तरह से असंतुष्ट नजर आए।

दरोगण पति कोट पंचायत के उप प्रधान सुनील कुमार, तुलसीराम बलवंत चौहान, मेहर सिंह, राजेंद्र कुमार, शशि, रवि, दिनेश, विजय माया देवी अनीता देवी , कमला देवी विमला देवी आशा देवी , कांता देवी, ब्रहमी देवी ने बताया कि जब से लापरवाही से एनएच का काम शुरू हुआ है , न पानी है, न बिजली है और न ही रास्ता है। लोग परेशान है और निर्माण कंपनी उनकी एक भी बात सुनने को तैयार नहीं । ऐसे में उनके पास चक्का जाम कर प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाना मजबूरी बन गया।
चार दिन से अंधेरे में लोग
उप प्रधान सुनील कुमार ने कहा कि कंपनी द्वारा की गई बेतरतीब खुदाई से चार दिन पहले बिजली का पोल गिर गया। बिजली और पानी को बहाल करना टेंडर की शर्तों के मुताबिक निर्माण कंपनी की जिम्मवारी है। सुनील के मुताबिक चार दिन से बिजली बहाल न होने से लोग अक्रोशित हैं । कंपनी के आला अधिकारी एसी कार्यालयों में बैठ मौज ले रहे हैं और मौके पर केवल सुपरवाइजर स्तर के लोगों को भेज कर समस्याओं को लटकाया जा रहा है।
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8 माह से सीढ़ी लगा घर पहुंच रहे दो परिवार
भरवाना की नीलम और दरोगण गांव के राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि मेहर सिंह और मस्त राम के दो परिवार सबसे ज्यादा परेशान हैं करीब 8 माह पूर्व इनके घरों के रास्तों को कंपनी ने खुदाई कर तोड़ डाला। 8 माह से ये परिवार सीढ़ी के सहारे चढ़ कर घरों में पहुंच रहे है। एक सफल बीत जाने के बावजूद निर्माण कंपनी की प्रोग्रेस जीरो दिख रही है।
न नियुक्ति पत्र न पहचान पत्र
एनएच निर्माण कंपनी के अधिकतर लोगों के पास न तो कोई पहचान पत्र है और न ही अपॉइंटमेंट लेटर। पुलिस चौकी में भी इनके कितने मजदूर रजिस्टर्ड हैं , इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इस बात का खुलासा तब हुआ जब तहसीलदार डॉक्टर आशीष शर्मा के सवालों को कंपनी का सुपरवाइजर हल्के में लेने लगा। जब उससे से नियुक्ति पत्र या पहचान पत्र दिखाने को कहा गया तो वह मौके पर कुछ भी प्रूफ प्रस्तुत न कर पाया।
कया हुआ एक्शन
बमसन तहसील के तहसीलदार डॉक्टर आशीष शर्मा ने बताया कि लोगों को समझा कर जाम खुलवाया गया। मौके पर गिरे हुए बिजली के पोल को दरुस्त कर सप्लाई चालू करने का कार्य शुरू हो गया। निर्माण कंपनी के जिम्मेवार अधिकारी को शाम को आकर स्थिति सप्ष्ट करने के अलावा स्थानीय पुलिस को कंपनी के मजदूरों की वेरिफिकेशन करने बारे निर्देश दिए गए हैं।












