
कपूरथला (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट-गौरव मढ़िया। गोबिंद गोधाम गोशाला कपूरथला में थाना सिटी प्रभारी अमनदीप नाहर ने विशेष तौर पर शिरकत की इस दौरान गोशाला में गोमाता के रख-रखाव एवं गोशाला कमेटी की साफ-सफाई से बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि हर किसी को गोशाला में आकर गायों की सेवा करनी चाहिए। थाना सिटी प्रभारी अमनदीप नाहर ने गोमाताओं को चारा, गुड आदि खिलाया और सारी गोशाला का दौरा किया। उन्होंने गोशाला के अस्पताल का निरीक्षण किया। गोशाला कमेटी और स्टाफ की तारीफ की जो उनकी देखभाल करते हैं।गोशाला कमेटी के अध्यक्ष राकेश चोपड़ा व महासचिव धीरज बजाज,सचिव चेतन सूरी ने मुख्यमेहमान को गोमाता का चित्र देकर सम्मानित भी किया। राकेश चोपड़ा व सचिव चेतन सूरी ने कहा की एस.एच.ओ.अमनदीप नाहर सुरक्षा व्यवस्था का काम बढ़ी मेहनत, लग्न व् इमानदारी से कर रहे है और कानून व्यवस्था शहर में बनाए हूए है ,एस.एच.ओ. अमनदीप नाहर ने बताया कि एस.एस.पी. वत्सला गुप्ता के निर्देश पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर में विभिन्न स्थानों पर नाके लगाए गए हैं।

कानून व्यवस्था व यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस तैनात हैं। भीड़भाड़ वाली जगहों पर यातायात व कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए क्षेत्र में पुलिस की टीमें नियुक्त की और ट्रैफिक पुलिस, पी.सी.आर,थाना सिटी की पुलिस ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जहां ट्रैफिक की समस्या आई, वहां खुद जा कर ट्रैफिक को सुचारु बनाया और कई स्थानों पर ट्रैफिक की स्थिति को देखते हुए मार्ग को वन-वे करना पड़ा,जिसके कारण लोगों को घूम कर अपने गंतव्य की ओर जाना पड़ा। राकेश चोपड़ा व सचिव चेतन सूरी ने कहा की गाय विश्व की माता है और गाय हमारी वैदिक संस्कृति की पोषक, इसी रक्षा करना हमारा दायित्व हैं।गौशाला कमेटी के अध्यक्ष राकेश चोपड़ा व सचिव चेतन सूरी बताते है कि बिना किसी सरकारी सहायता के वे गोशाला चला रहे हैं।गोबिंद गोधाम गोशाला दानी सज्जनों के सहयोग से चलाई जा रही हैं वहीं कमेटी की ओर से गायों का पालन-पोषण किया जा रहा है। अध्यक्ष राकेश चोपड़ा व सचिव चेतन सूरी ने कहा कि गाय श्रद्धा का विषय है गाय की उपयोगिता पैसों से नहीं की जा सकती।
छत्रपति शिवाजी महाराज ने 350 वर्ष पहले गो माता की रक्षा के लिए आवाज उठाई थी।गाय की रक्षा का विचार शुरू से ही हिदू समाज की गहराई में था। इसीलिए भारत में गाय के उत्सव के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि गाय के प्रति आध्यात्मिक व भावनात्मक भाव सदैव होना चाहिए।गाय को केवल आर्थिक दृष्टि से नहीं देखना चाहिए।जन्म देने वाली माता पालन-पोषण करती है लेकिन गाय को माता कहकर सर्वाधिक सम्मान हिदू समाज ने दिया है। उन्होंने कहा कि गोमाता का मूत्र व गोबर सोने की खदान है।हम सब लोगों को गौमाता को कैसे सम्मान मिले, उनकी कैसे सेवा हो इस पर मंथन करना होगा।केवल दूध प्राप्त करने वाली मानसिकता हमारी न रहे इसके लिए चितन करना होगा। गो रक्षा के लिए संपूर्ण हिदू समाज को एकजुट होना पड़ेगा। इस अवसर पर सुमंग शर्मा,संजीव बजाज,सरवन गिल,धीरज बजाज,संजीव बजाज,नरिंदर गुप्ता,अशोक गुप्ता, विक्रम अरोड़ा, राजेश गुप्ता, संजय सूद, नरिंदर जैन आदि उपस्थित थे।












