
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़): कोमल मित्तल आई.ए.एस. माननीय डिप्टी कमिशनर-कम-चेयरमपर्सन तथा डॉ.हरबंस कौर डिप्टी मेडिकल कमिशनर-कम-मैंबर सचिव जी के दिशा निर्देशानुसार ज़िला नशा मुक्ति पुनर्वास केन्द्र की ओर से सरकारी हाई मुहल्ला फतेहगढ़ में नशाखोरी के बुरे प्रभावों तथा ईलाज के बारे में जागरूकता सैमीनार करवाया गया। इस अवसर पर ज़िला नशा मुक्ति पुनर्वास केन्द्र होशियारपुर से प्रशान्त आदिया काऊंसलर की ओर से बच्चों को नशों के बुरे प्रभावों, कारण तथा ईलाज के बारे विस्तारपूर्वक जानकारी दी। प्रशांत आदिया काऊंसलर ने बताया कि नशा एक मानसिक बिमारी है जो बार-बार होने वाली तथा लम्बा समय चलने वाली मानसिक बिमारी है।

विश्व सेहत संगठन के अनुसार तम्बाकू को ’’ दि ग्रेट आफ अदर ड्रग्स’’ कहा गया है, जिसमें विश्व सेहत संगठन के अनुसार 7000 कैमिकल पाये जाते हैं। जिसमें निकोटीन की मात्रा सबसे अधिक पाई जाती है। इसके इलावा अन्य नशों के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि होशियारपुर ज़िले में 02 नशा मुक्ति केन्द्र सिवल हस्पताल होशियारपुर तथा दसूहा, 01 पुनर्वास केन्द्र मुहल्ला फतेहगढ़ में हैं जहां मरीज़ों का ईलाज किया जाता है। जहों व्यक्तिगत काऊंसलिंग, ग्रुप काऊंसलिंग, पारिवारिक काऊंसलिंग, आध्यात्मिक काऊंसलिंग के साथ खेलें तथा अन्य गतिविधियां करवाई जाती हैं। यहां ज़िला रैड क्रास के सहयोग के साथ व्यवसायी स्किल डिवैल्पमैंट कोर्स एफ.सी.आई के अधीन फूड क्राफ्ट, सलून तथा और कई प्रकार के सिखलाई के कोर्स करवाये जाते हैं











