
हमीरपुर (द स्टैलर न्यूज़), रजनीश शर्मा: स्काउटिंग-गाइडिंग बच्चों के चारित्रिक विकास से जुड़ा हुआ एक शैक्षिक आंदोलन है। इसके क्रिया कलापों और विभिन्न सोपानों के प्रशिक्षणों द्वारा विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करने का प्रयास किया जाता है। यदि बच्चों में प्रारंभ से ही सदगुणों का विकास किया जाएगा तो बच्चे राष्ट्र के आदर्श नागरिक बनेंगे। यह एक ऐसा संगठन है जो पूरे देश में ‘विविधता में एकता ‘ तथा ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। स्काउट्स नियम का पांचवा महत्वपूर्ण नियम है कि स्काउट पशु -पक्षियों का मित्र और प्रकृति प्रेमी होता है और इसी के अंतर्गत भारत स्काउट्स एवं गाइड्स राष्ट्रीय मुख्यालय द्वारा वन महोत्सव अभियान चलाया जा रहा है।

इसी कड़ी में स्वर्ण जयंती राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (उत्कृष्ट) टौणी देवी की भारत स्काउट्स एवं गाइड्स इकाई के 18 स्काउटस एवं गाइड्स ने आज अपने स्काउट मास्टर श्री सतीश कुमार राणा के मार्गदर्शन में 50 पौधे तुलसी और 15 पौधे नीम के लोगों को वितरित किए। माता मंदिर टौणीदेवी में नीम और तुलसी के पौधे मंदिर कमेटी प्रधान श्रवण चौहान और समस्त लोगों द्वारा लगाए गए यह जानकारी देते हुए प्रधानाचार्य रजनीश रांगडा ने बताया कि स्काउटिंग से जहाँ नवयुवकों में बौद्घिक, सामाजिक, नैतिक एवं आध्यात्मिक विकास होता है वहीँ उनमें मानव सेवा के साथ साथ सामूहिक टीम एवं परस्पर प्रेम की भावना भी जागृत होती है। जहाँ तुलसी एक औषधीय पौधा है जिसमें विटामिन और खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
सभी रोगों को दूर करने और शारीरिक शक्ति बढ़ाने वाले गुणों से भरपूर इस औषधीय पौधे को प्रत्यक्ष देवी कहा गया है क्योंकि इससे ज्यादा उपयोगी औषधि मनुष्य जाति के लिए दूसरी कोई नहीं है। तुलसी के धार्मिक-महत्व के कारण हर-घर आगंन में इसके पौधे लगाए जाते हैं। वहीँ नीम के पत्तों में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, इसलिए इसका उपयोग घावों को भरने के लिए किया जाता है।
नीम का इस्तेमाल शैंपू और कंडीशनर में बड़े पैमाने पर किया जाता है। एज़ाडिरेक्टा इंडिका में एंटीफंगल और जीवाणुरोधी गुण होते हैं जो रूसी को खत्म करने और आपके बालों को मज़बूत बनाने में मदद करते हैं। इस मौके पर वन विभाग के वनरक्षक नरेश कुमार और मंदिर कमेटी सदस्य और स्थानीय लोग भी मौजूद रहे।











