
हमीरपुर (द स्टैलर न्यूज़), रजनीश शर्मा। मजदूर संगठन सीटू ने मिड डे मील वर्करों के रोजगार छीने जाने पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। सीटू यूनियन से मिड डे मील ज़िला प्रभारी रंजन शर्मा ने कहा है कि सरकार के एक तुगलकी फरमान पर कम संख्या वाले स्कूल मर्ज कर दिए। अध्यापक व चपड़ासी तो एडजस्ट किया गया लेकिन मध्यान्ह भोजन पकाने वाले मिड डे वर्कर्स को घर बिठा दिया गया। मिड डे मील्स वर्कर्स यूनियन के जिलाध्यक्ष रत्न चंद ने सरकार के इस फैसले की कड़े शब्दों में निंदा की है। इनका कहना है कि सरकार का भेदभाव का रवैया इनके रोज़गार पर चोट कर रहा है।

उन्होंने कहा कि किसी माह 3100 रुपये व किसी माह 3500 रुपये का भुगतान किया जा रहा है। जोकि इनके हितों पर कुठाराघात है व इन्हें जीवनयापन करना दूभर हो गया है। सीटू यूनियन से मिड डे मील ज़िला प्रभारी रंजन शर्मा ने मिड डे मील्स वर्कर्स की दयनीय स्थिति के लिए सरकार के स्कूलों को बंद करने के फैसले की कड़ी आलोचना की है।उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर शिक्षा को गांव से दूर करने की नवउदारवादी साजिश कर रही है।











