
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर सिविल सर्जन होशियारपुर डॉ. पवन कुमार शगोत्रा ने लोगों को हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए “यूज हार्ट फॉर एक्शन” थीम के तहत हृदय से संबंधित एक जागरूकता पैंफल्ट जारी किया। इस अवसर पर सहायक सिविल सर्जन डॉ. कमलेश कुमारी, डीएफपीओ डॉ. अनिता कटारिया, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जतिंदर भाटिया, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सीमा गर्ग, डिप्टी मास मीडिया ऑफिसर डॉ. तृप्ता देवी, डिप्टी मास मीडिया ऑफिसर रमनदीप कौर और मैडम आशा रानी और भूपिंदर सिंह मौजूद रहे।

इस बारे में बात करते हुए सिविल सर्जन डॉ. पवन कुमार ने कहा कि हृदय हमारे शरीर का बहुत महत्वपूर्ण अंग है और इसके स्वास्थ्य के प्रति हमें जागरूक रहने की जरूरत है। हाल के दिनों में युवाओं में भी हार्ट अटैक की समस्या शुरू हो गई है। यही कारण है कि लोगों को हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है। अगर बिना मेहनत या काम के थकान हो तो यह हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है। दरअसल, जब कोलेस्ट्रॉल के कारण हृदय की धमनियां बंद या संकुचित हो जाती हैं, तो हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे व्यक्ति जल्दी ही थका हुआ महसूस करने लगता है। ऐसे में अगर आपको रात की अच्छी नींद के बाद भी सुस्ती और थकान महसूस हो रही है, तो यह दिल की समस्या का संकेत हो सकता है। अगर आपको सीने में दर्द, सुन्नता, भारीपन या दर्द महसूस होता है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि असुविधा आपकी बांहों, गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैल रही है, तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए और जल्द से जल्द अस्पताल जाना चाहिए।
सिविल सर्जन ने कहा कि अगर आप अपने दिल को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको अपनी दिनचर्या में कुछ बदलाव करने होंगे। देर रात तक जागने से बचें और रात में बहुत अधिक गैजेट्स का इस्तेमाल करने से बचें। खान-पान का भी विशेष ध्यान रखें और डाइट में कम कार्ब और कम वसा वाले खाद्य पदार्थ अधिक खाएं। कोशिश करें कि शाम 6 या 7 बजे के बाद कुछ भी न खाएं। साथ ही सुबह के समय अधिक प्रोटीन और फाइबर युक्त भोजन करें। व्यायाम पर भी विशेष ध्यान दें। हृदय स्वास्थ्य के लिए कार्डियो एक्सरसाइज बेहतर मानी जाती है। हर दिन कम से कम 40 मिनट तक पैदल चलें या साइकिल चलाएं। इसके अलावा तैराकी भी फायदेमंद है। स्वच्छ और धूम्रपान मुक्त वातावरण, तंबाकू और सभी प्रकार के नशीले पदार्थों से परहेज और दैनिक जीवन की गतिविधियों में बदलाव से दिल को आसानी से स्वस्थ रखा जा सकता है।











