
अमृतसर (द स्टैलर न्यूज़)। पंजाब में हर रोज आवारा पशुओं विशेषकर गौवंश के कारण सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। लोग मारे भी जाते हैं और घायल भी होते हैं। दुर्घटनाओं में कई बार पशु भी घायल होकर सड़क पर पड़े रहते हैं और किसानों की फसल को आवारा पशुओं के कारण बहुत नुकसान पहुंचता है, पर सरकार ने जैसे कसम खा रखी है जिस तरह पिछली कांग्रेस सरकार और उससे भी पहले की सरकारें कभी आवारा पशुओं को संभाल नहीं पाईं। वे कुत्ते हों, गोवंश या कोई अन्य। बेचारी जनता पिसती है, चोट खाती है, टैक्स भी देती है पर उनको राहत कोई नहीं।

बिजली से लेकर शराब तक गाय सेवा टैक्स लगाया। टैक्स तो सरकार के पेट में चला गया, लेकिन सेवा कहां हुई। सेवा तो बेचारे उन लोगों की हो रही है जिनकी हड्डी पसली टूट जाती है या मृत्यु हो जाती है या उनकी गाड़ियां टूटती हैं और सरकार तो इलाज करवाने की भी चिंता नहीं करती। सरकारी नालायकी के कारण लोग चोट खाते हैं और अपनी मेहनत के पैसे से इलाज करवाते हैं। ऐसे अनेक लोग हैं जो सही इलाज भी नहीं करवा पाते। सरकारों की सोच शायद यही है कि जनता रो रो कर चुप कर जाएगी और नोट सरकार के पेट में पचते रहेंगे। वैसे कितने अफसोस की बात है कि हर रोज कुत्तों द्वारा काटे, मारे जाने, छोटे छोटे बच्चों को नोंच कर खाने की खबरें आते हैं, पर सरकार ने तय कर रखा है कोई मरे कोई जीवे, सुथरा घोल पतासा पीवे।












