
जालंधर (द स्टैलर न्यूज)। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री विजय सांपला ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के मानसा जिले के फत्ता मलूका गांव में ‘सत्थ समारोह’ से पहले किसानों, शिक्षकों और भाजपा नेताओं को हिरासत में लिए जाने की निंदा की है।
विजय सांपला ने पार्टी कार्यालय से जारी बयान में कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री लोगों को जेलों में डालकर पंजाबियों की आवाज़ बंद नहीं कर सकते। यह बात आम आदमी पार्टी के नेतृत्व और खासकर पंजाब के मुख्यमंत्री को समझ लेनी चाहिए। पंजाब सरकार न तो पंजाब के लोगों की आवाज़ को बंद कर सकती है और न ही इसे चलाने वाले दिल्ली के धाड़वी ऐसा कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा लोगों के साथ सीधे संवाद के लिए आयोजित की जा रही ‘लोक मिलनी’ से पहले ही लोगों की आवाज़ रोकने का प्रयास गैर-लोकतांत्रिक रवैया है। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने विभिन्न स्थानों से शिक्षक और किसान नेताओं को हिरासत में लिया। इसी तरह बरेटा में भाजपा नेता गगनदीप शर्मा को भी उनके घर से उठा लिया गया। उन्होंने कहा कि यदि लोग मुख्यमंत्री के सामने अपने मुद्दे और सवाल रखना चाहते हैं तो उन्हें रोकने की बजाय संवाद का अवसर दिया जाना चाहिए।
विजय सांपला ने कहा कि शिक्षकों की मांगें, सरकारी स्कूलों में स्टाफ की कमी और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे पहले से ही चर्चा में हैं। इन सवालों के जवाब देने की बजाय नेताओं को हिरासत में लेना उचित नहीं है। इसी तरह जिन आप नेताओं ने किसान मोर्चे के दौरान किसानों की ट्रॉलियां चोरी की थीं, उसका जवाब पंजाब सरकार को देना ही पड़ेगा।












