Friday, October 2, 2026
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मुक्केबाज लवलीना ने अपना जन्मदिन बनाया यादगार, एशियाड में जीता स्वर्ण

दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। भारत की दिग्गज मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने अपने जन्मदिन को कभी भूलने वाला दिन बनाया। दो अक्तूबर 1997 को जन्मीं लवलीना ने अपने 29वें जन्मदिन पर एशियन गेम्स में महिलाओं के 75 किग्रा भार वर्ग का स्वर्ण पदक जीत लिया। फाइनल में उन्होंने चीन की बाओ जियी को सर्वसम्मति से 5-0 से हराया। इस जीत के साथ लवलीना ने न केवल अपना पहला एशियाई खेल स्वर्ण जीता, बल्कि 75 किग्रा वर्ग में भारत के लिए भी इतिहास रच दिया। सेमीफाइनल और फाइनल, दोनों मुकाबलों में लवलीना ने धीमी शुरुआत की और धीरे-धीरे अपनी लय हासिल की। सेमीफाइनल में उन्होंने मुकाबले के अंत में आक्रामक रुख अपनाते हुए कजाखस्तान की मुक्केबाज को पूरी तरह दबा दिया और फाइनल में जगह बनाई।

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हालांकि, स्वर्ण पदक का मुकाबला अलग रहा। आक्रामक अंदाज में खेल रहीं चीन की बाओ जियी के खिलाफ लवलीना ने क्लिंच का सहारा लिया, धैर्य बनाए रखा और सही समय का इंतजार करते हुए रणनीतिक तरीके से जवाबी पंच लगाए। मुकाबले के अंत तक लवलीना ने पर्याप्त बढ़त बना ली थी। इसके बाद उन्होंने बाओ के हमलों से बचते हुए समय निकाला और मुकाबला अपने नाम कर लिया। उनकी रणनीतिक समझ और परिस्थितियों के अनुसार खेलने की क्षमता ने उन्हें एशियन गेम्स 2026 का स्वर्ण पदक दिलाया। लवलीना का स्वर्ण महिलाओं के 75 किग्रा भार वर्ग में भारत का पहला एशियाई खेल स्वर्ण है। इस भार वर्ग में भारत की महिला मुक्केबाजों ने इससे पहले भी पदक जीते हैं, लेकिन सोना नहीं आया था। 2010 ग्वांगझू एशियाई खेलों में कविता गोयत ने कांस्य पदक जीता था। 2014 इंचियोन में पूजा रानी ने कांस्य अपने नाम किया। 2022 हांगझोउ में लवलीना ने रजत पदक जीता। अब 2026 आइची-नागोया में लवलीना ने इसी भार वर्ग में भारत को पहली बार चैंपियन बनाया है।

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