
जम्मू-कश्मीर (द स्टैलर न्यूज़)। जम्मू-कश्मीर के बडगाम में भारतीय सुरक्षा बलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए अभियान में लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ कमांडर मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा को मार गिराया था। भारतीय सेना ने मुठभेड़ के बाद उसके शव की बरामदगी और पहचान की जानकारी दी, जबकि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी मूसा उर्फ आसिफ फौजी के मारे जाने की पुष्टि की। इसके बाद पाकिस्तान ने इस दावे को चुनौती देते हुए मोहम्मद आसिफ नाम के एक सेवानिवृत्त एसएसजी हवलदार को मीडिया के सामने पेश किया और उसके जिंदा होने की बात कही। अब पूरे मामले में सवाल यह है कि बडगाम में मारा गया व्यक्ति आखिर कौन था और पाकिस्तान द्वारा पेश किया गया मोहम्मद आसिफ कौन है।

भारत की ओर से मूसा के मारे जाने की जानकारी सामने आने के अगले दिन पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने मोहम्मद आसिफ नाम के एक व्यक्ति को मीडिया के सामने पेश किया। उस व्यक्ति ने खुद को पाकिस्तान सेना के एसएसजी का सेवानिवृत्त हवलदार बताया और कहा कि वह 2023 में सेना से रिटायर हुआ था। उसने कहा कि वह जीवित है और उसके बारे में भारतीय मीडिया में मौत की खबरें देखकर उसके परिचितों ने उससे संपर्क किया था। पाकिस्तान का दावा है कि भारतीय पक्ष ने जिस व्यक्ति को बडगाम में मारा गया बताया है, वह यह मोहम्मद आसिफ नहीं है। पाकिस्तान की ओर से पेश किए गए व्यक्ति के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उसकी पहचान को लेकर सवाल उठने लगे। कुछ स्वतंत्र ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस अकाउंट्स ने पुराने फोटो से तुलना करते हुए उसके चेहरे और शरीर की बनावट में अंतर होने का दावा किया।










