
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। 30 सितम्बर फलाई को दुबई एयर लाइन की अरब अमीरात से दुबई जा रही उड़ान जिसको भारतीय मूल के कैप्टेन स्मित मच्छार चला रहे थे, कैप्टेन स्मित की सजगता तथा बहादुरी के कारण भीषण दुर्घटना से बच गई वरना 174 वेकसूर कीमती जाने जो कि जहाज़ में सवार थी वेबजह खत्म हो जाती। पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद ने कहा है कि पायलट कैप्टेन स्मित मच्छार के शौर्य की पूरे विश्व में प्रंशसा हो रही है। अगर यह जहाज़ सह पायलट की योजना के अनुसार किसी इमारत से टकरा दिया जाता तो अधिक मानवीय जानो का नुकसान हो सकता था। जैसे कि 9 -11 की दुर्घटना में हुआ था। उन्होंने कहा कि इस सारे प्राकरण में कैप्टेन स्मित मच्छार की प्रधान मंत्री नरिंदर मोदी के साथ वीडियो कॉल के जरिये हुई बातचीत अत्यंत महत्वपूर्ण है जिसमे पायलट स्मित ने कहा है कि इस भीष्ण संकट की घड़ी में उनके सामने केवल 174 कीमती जाने बचाने का लक्ष्य था तथा नैतिक सहारे के लिए उन्होंने आस्था का पल्लू पकड़कर हनुमान चालीसा का निरंतर पाठ किया।

श्री सूद ने कहा कि पायलट मच्छार की बहादुरी ने साबित कर दिया है कि आस्था तथा संस्कार व्यकित को कठिन से कठिन संकट से भी बाहर निकाल सकते है। यह भारतीय संस्कार ही थे जिसके कारण कैप्टन स्मित मच्छार ने अपनी जान की परवाह न करते सह पायलट द्वारा चाकुओं से बुरी तरह घायल किये जाने के बावजूद बहादुरी दिखाई तथा जहाज को दुर्घटनाग्रस्त होने से बचा लिया। ऐसा करके पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने पूरे जगत में भारत का सिर ऊंचा किया तथा बहादुरी की मिसाल पेश की।












