
दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने रोमांचक फाइनल मुकाबले में दक्षिण कोरियाई टीम को धूल चटाकर एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। इस मुकाबले की सबसे बड़ी स्टार 17 साल की कुमकुम मोहता रहीं। उन्होंने भारी दबाव के समय गजब का धैर्य दिखाया और जब भी टीम को सबसे ज्यादा जरूरत थी, उन्होंने लगातार सटीक 10 अंकों वाले निशाने लगाए। अंत में उनका आखिरी शॉट ही निर्णायक साबित हुआ, जिसने भारत को यह ऐतिहासिक जीत दिलाई। मैच के दौरान अनुभवी तीरंदाज अंकिता भकत ने बेहतरीन निरंतरता बनाए रखी और टीम को मजबूती दी। हालांकि, टीम की एक और सदस्य कीर्ति कुछ पलों के लिए दबाव में जरूर दिखीं, लेकिन पूरी टीम के शानदार तालमेल और एकजुट प्रदर्शन की बदौलत भारत ने यह गोल्ड मेडल अपने नाम किया। 1978 में महिला रिकर्व टीम इवेंट शुरू होने के बाद से पहली बार दक्षिण कोरिया कोई फाइनल हारा है, और वह भी एक ऐसे देश से जो आज से पहले कभी फाइनल में नहीं पहुंचा था। दोनों ही टीमों ने शुरुआत से ही दमदार खेल दिखाया। भारत ने कोरिया को अच्छी चुनौती दी।

शुरुआती दो सेटों में स्कोर क्रमशः 54 और 56 रहा। तीसरे सेट में आकर कोरियाई टीम लड़खड़ा गई। यह तब हुआ जब इस टीम में ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट कांग चेयंग के साथ ओह येजिन और ली युंजी थीं। इस सेट में टीम को 52 अंक मिले। हालांकि, भारतीय टीम दबाव में नहीं दिखी और उसने 55 अंक लेकर 4-2 की बढ़त ले ली। कोरिया ने अगले सेट में वापसी की और 54 अंक बनाए। भारतीय टीम की तरफ से कीर्ति ने 8 के स्कोर से शुरुआत की, लेकिन रिव्यू के बाद उनको 9 अंक दिए गए और यहां भारत का कुल स्कोर 54 हो गया। इससे पहले भारत ने सेमीफाइनल में चीन को 5-1 से हराकर पहली बार एशियाई खेलों के फाइनल में जगह बनाई थी। महिलाओं की रिकर्व टीम की यह जीत इन खेलों में भारत का आर्चरी में चौथा गोल्ड मेडल है। इस टीम से पहले पुरुष कंपाउंड, महिला कंपाउंड और मिक्स्ड कंपाउंड टीमों ने भी गोल्ड मेडल जीते थे।












