
फगवाड़ा/होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। संतूर स्कूल की प्रधानाचार्या एंव प्रख्यात शिक्षाविद डॉ. ज्योति खन्ना ने साहित्य, शिक्षा और भारतीय संस्कृति के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक एंव गौरवपूर्ण उपलब्धि प्राप्त कर न केवल अपने विद्यालय के साथ-साथ अपने क्षेत्र होशियारपुर एवं पंजाब को गौरवान्वित किया है।

डॉ. खन्ना द्वारा रचित विशिष्ट एवं मौलिक हिन्दी काव्य ग्रंथ “श्रीमद्भगवद काव्य गीता सारथी” का चयन इंडिया बुक ऑफ रिकाईस के लिए किया गया है। 16 दिसंबर को उनका नाम विधिवत रुप से इस प्रतिष्ठित रिकार्ड में दर्ज होने का प्रमाण पत्र दिया गया। यह उपलब्धि इसलिए विशेष मानी जा रही है क्योंकि पूरे पंजाब राज्य में काव्य रूप में श्रीमदभगवदगीता का अनुवाद कर इंडिया बुक आफ रिकार्डस में स्थान प्राप्त करने वाली डॉ. ज्योति खन्ना एकमात्र कवयित्री हैं, जिन्होंने श्रीमदभगवदगीता के सभी अठारह अध्यायों को हिंदी भाषा में काव्यात्मक स्वरूप प्रदान किया है।
132 पृष्ठों की इस कृति में श्रीमद्भगवदगीता के समस्त 18 अध्यायों को भावपूर्ण, सरल एवं साहित्य प्रेमियों के बीच विशेष रूप से सराहना प्राप्त कर रही है। ज्योति खन्ना ने बताया कि इस काव्यात्मक अनुवाद का मुख्य उद्देश्य विधालयों के विधार्थियों, किशोर वर्ग एवं सामान्य पाठकों तक श्रीमद्भगवदगीता के गूढ एंव दार्शनिक संदेशों को सरल, सहज एवं रूचिकर भाषा में पहुंचाना है। इसी उदेश्य से संस्कृत से हिंदी अनुवाद के उपरांत इसे कविता के रूप में शैक्षणिक सामग्री के रूप में भी उपयोगी सिद् हो सके और विधार्थियों के जीवन में नैतिक मूल्यों, कर्तव्यबोध एवं सकारात्मक सोच का विकास कर सके, यह कृति भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक प्रभावशाली माध्यम बनकर उभरी है।
इस उपलब्धि पर संतूर स्कूल की प्रबंधक कमेटी ने डा. ज्योति खन्ना को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। विद्यालय प्रबंधकों ने इस संस्था के लिए अत्यंत गर्व का विषय बताते हुए कहा कि डा. ज्योति खन्ना का यह कार्य न केवल विधालय की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा, बल्कि शिक्षा, साहित्य, संस्कृति एवं भारतीय दर्शन के प्रचार-प्रसार में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। विद्यालय के स्टाफ सदस्यों ने भी प्रधानचार्या डा. ज्योति खन्ना को शुभकामनाएं दीं। डा. ज्योति खन्ना ने अपनी इस सफलता का श्रेय परमपिता परमेश्वर भगवान श्रीकृष्ण की असीस कृपा, अपने पूजनीय माता-पिता के आशीर्वाद, परिवार के अटूट विश्वास तथा अपने मार्गदर्शक पूर्व सांसद डा. अविनाश राय खन्ना के प्रेरणादायी मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने बताया कि उनके पति मानव खन्ना एवं पुत्र गौरीश खन्ना का निरंतर प्रोत्साहन, सहयोग एवं मानसिक संवल इस साहित्यिक यात्रा में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।











