
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। शनिवार रात को हुई भगवान श्री खाटू श्याम जी की चौंकी जो श्री राम लीला मैदान होशियारपुर में आयोजित की गई उसमें दर्शन करने की व्यवस्था कुप्रबंधों के चलते हुए बिल्कुल ठीक नहीं थी। समाज सेवी राजिंद्र मोदगिल अपने मित्र प्रदीप पराशर व अपने बेटे के साथ सच्ची श्रद्धा से भगवान खाटू श्याम के दर्शन करने हेतु गये मगर लाईनों में 2-3 घण्टे खड़े होना पड़ा, मगर स्टेज पर उनके सेवादार व अन्य लोग जगह छोड़ ही नहीं रहे थे, जिसके चलते बाउंसरों ने लोगों को रोके रखा तथा स्टेज खाली करवाने की कोशिश नहीं की जिसके कारण गर्मी में औरतें ,बच्चे व वरिष्ठ नागरिक बेहाल हो गये। बाउंसरों का श्रद्धालुओं के प्रति रवैया बिल्कुल ठीक नहीं था। अंत में जब लाईन चली तो धक्के पड़ने शुरु हो गए जिसमें श्री राजिंद्र मोदगिल का किसी ने पर्स निकाल लिया। जिसमें नकदी व जरुरी कागज़ात थे।

जब वे दर्शन करके निकले तो उन्हें पता चला कि उनका पर्स किसी ने निकाल लिया। उन्होने प्रबंधकों से निवेदन किया की स्टेज पर अनाउंसमेंट करवा दें की यदि किसी को कोई पर्स मिला है जिसमें की जरुरी कागजात हैं उन्हें लौटा दें। उनका रवैया भी ठीक नहीं था और उन्होने ने अनाउंसमैंट करवाने से मना कर दिया। लेकिन शहर के किसी भी बड़े समारोह में जब कोई इस प्रकार की घटना घटती है तो लोगों को एकदम से सचेत किया जाता है। इसके बाद जो भोजन व्यवस्था थी वहां पर भी सफाई व सेवा का उचित प्रबंध नहीं था और लोगों को एक-एक घण्टा प्लेट नहीं मिल रही थी। जहां बर्तन धोये जा रहे थे वहां से वो अपने चहेतों को प्लेटें दिये जा रहे थे। अन्न का निरादर हो रहा था, जगह-जगह खाना गिरा हुआ था। शिकायतकर्ता की प्रबंधकों से अपील है कि उनकी अगली चौंकी जो की 30 मई 2026 को शक्ति मंदिर होशियारपुर में हो रही है उसमें व्यवस्था का खास ध्यान रखा जाये ताकि श्रद्धालुओं को असुविधा ना हो। जहां आप की सनातन के प्रति श्रद्धा को शिकायतकर्ता सलाम करता है वहां उचित प्रबंध करने के लिए अपील करता है। इसमें शहर की विभिन्न सहयोगी संगठनों का सहयोग लिया जा सकता है।
जब शिकायतकर्ता सुबह उठा तो परेशानी की हालत में भगवान खाटू श्याम से प्रार्थना की उनका पर्स मिल जाये। वो रविवार को 1 बजे के करीब जब राम लीला मैदान दौबारा अपना पर्स ढूढने के लिए गए तो उन्हें वहां कहीं भी पर्स नहीं मिला, परन्तु बहादुरपुर के एक सेवादार जिसने अपना नाम गोपनीय रखा है बताया कि सोफों के नीचे मुझे आज पर्स मिला जो कि मैं डिप्टी मेयर प्रवीण सैनी को सौंपने जा रहा था क्योंकि पर्स का मालिक भी बहादुरपुर का था। भगवान की कृपा से पर्स मिल गया मगर उसमें नगदी नहीं मिली।












