
चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। भारतीय मानवाधिकार महासंघ ने पंजाब सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि गांव-गांव में चल रहे कथित फर्जी डॉक्टरों, अवैध क्लीनिकों और निजी अस्पतालों की व्यापक जांच कराई जाएं ताकि लोगों के जीवन से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

भारतीय मानवाधिकार महासंघ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नरेश शर्मा ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति बिना वैध डिग्री, पंजीकरण या आवश्यक अनुमति के इलाज कर रहा तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए साथ ही सभी निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम की कार्यप्रणाली, लाइसेंस डाक्टरों की योग्यता आपातकालीन सुविधाएं और नियमों का पालन की नियमित जांच होनी चाहिए। भारतीय मानवाधिकार महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि जल्द ही विभाग को कार्रवाई करनी चाहिए। नरेश शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री, सिविल सर्जन, ज़िला प्रशासन, मानवाधिकार आयोग और पंजाब सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा।












