
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। जिला सड़क सुरक्षा कमेटी की आज यहां प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स में हुई मीटिंग के दौरान अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) राकेश कुमार मीना ने संबंधित अधिकारियों को सड़क सुरक्षा नियमों की पालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि सड़क हादसों के शिकार व्यक्तियों को पीएम-राहत योजना का लाभ दिलाया जाए। अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर निधि कुमुद बंबाह, आर.टी.ओ. अमनदीप कौर घुम्मण और संबंधित विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार मीना ने कहा कि सड़क हादसों में घायल हुए लोगों की जान बचाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा चलाई जा रही पीएम-राहत योजना आम लोगों के लिए बहुत ही लाभदायक है। उन्होंने कहा कि सड़क हादसे की स्थिति में घायलों की तुरंत मदद करने और बिना किसी डर या झिझक के उन्हें नजदीकी सूचीबद्ध अस्पताल में पहुंचाने से कीमती जानें बचाई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि राहवीर योजना के तहत हादसे के 60 मिनट के भीतर घायलों को अस्पताल पहुंचाने वालों को 25 हजार रुपये नकद और प्रोत्साहन पत्र भी दिया जाता है। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए पुलिस विभाग और सिविल सर्जन कार्यालय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि फरिश्ते योजना के तहत सड़क हादसों के पीड़ितों की मदद करने वालों को विशेष सम्मान दिया जाता है, ताकि उनका हौसला बढ़ाया जा सके। आरटीओ अमनदीप कौर ने बताया कि जिले में 58 हादसे दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 46 गंभीर थे। उन्होंने बताया कि इन पीड़ितों की समय पर मदद के लिए विभिन्न प्रकार के प्रयास किए गए, ताकि इनकी जान बचाई जा सके। अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार मीना ने बताया कि सरकार की योजना के अनुसार प्रत्येक पीड़ित को हादसे की तारीख से अधिकतम सात दिनों तक 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध करवाया जाता है। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद के पहले 24 से 48 घंटे, जिन्हें ‘गोल्डन ऑवर’ कहा जाता है, बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। उन्होंने कहा कि सड़क हादसों के पीड़ितों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में इलाज के लिए ले जाना मानवता की भलाई का कार्य है। उन्होंने बताया कि हादसे की स्थिति में एंबुलेंस और नजदीकी सूचीबद्ध अस्पताल की जानकारी के लिए 112 हेल्पलाइन पर तुरंत संपर्क किया जा सकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी राह-वीर को पुलिस या अस्पताल द्वारा अनावश्यक पूछताछ, एफआईआर दर्ज करवाने या गवाह बनने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता और घायल को अस्पताल पहुंचाकर भर्ती करवाने वाला व्यक्ति तुरंत वहां से जा सकता है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा सड़क सुरक्षा जागरूकता सप्ताह मनाने के साथ-साथ स्कूली बसों की चेकिंग जारी है और किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर बनती कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।












