
दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। हवा में उड़ रहे विमान में अपने साहस से 170 से ज्यादा लोगों की जान बचाने वाले फ्लाई दुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की दुनियाभर में चर्चा हो रही है। कैप्टन स्मित ने को-पायलट के हमले में घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया जिसकी वजह से प्लेन क्रैश होने से बच गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बैंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित को हीरो बता रहे हैं। वहीं, पीएम मोदी ने भी कैप्टन स्मित को जमकर सराहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय पायलट की तारीफ करते हुए कहा है कि कैप्टन स्मित ने धैर्य, सूझबूझ और साहस का परिचय दिया है। पूरी दुनिया कैप्टन स्मित पर गर्व कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा स्मित का पराक्रम देश के लिए गर्व की बात है। पीएम मोदी ने बताया कि उन्होंने कैप्टन के माता-पिता और पत्नी से बात की है। पूरा देश कैप्टन स्मित की दीघार्यु के लिए प्रार्थना करे।

स्मित मच्छार के लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, वह जून 2022 से फ्लाईदुबई के साथ काम कर रहे हैं। इससे पहले वह स्पाइसजेट लिमिटेड में कमांडर के तौर पर 11 वर्ष से अधिक समय तक सेवाएं दे चुके हैं। विमानन क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव है, लेकिन उनकी पढ़ाई और करियर की शुरुआत की कहानी कुछ अलग रही। उन्होंने वेलिंगकर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई की। इससे पहले उन्होंने SASMIRA इंस्टीट्यूट ऑफ मैन-मेड टेक्सटाइल्स से मैन-मेड टेक्सटाइल केमिस्ट्री, अपैरल एंड टेक्सटाइल्स में डिप्लोमा किया था। बताया जाता है कि शुरुआती दौर में उनका इरादा परिवार के कारोबार से जुड़ने का था। हालांकि, किशोरावस्था के अंतिम वर्षों में विमानन से जुड़े एक सेमिनार में हिस्सा लेने के बाद उनके करियर की दिशा बदल गई और उन्होंने पायलट बनने का फैसला किया।












