
होशियारपुर (पंजाब)। पंजाब कांग्रेस की इंचार्ज आशा कुमारी होशियारपुर आज शुक्रवार को जिला होशियारपुर के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने पहुंची। इस दौरान हर नेता ही नहीं बल्कि अधिकतर कार्यकर्ता भी उखड़े-उखड़े दिखे। आलम यह रहा कि पूर्व केन्द्रीय मंत्री संतोष चौधरी अपने पति पूर्व विधायक राम लुभाया व बेटी के साथ बैठक स्थल पर पहुंची तो उनक किसी ने स्वागत नहीं किया और न ही उन्हें स्टेज पर बैठने के लिए कहा। इस पर वे स्टेज के पास नीचे लगी कुर्सियों पर बैठ गईं।

इसी बीच जिला कांग्रेस कमेटी के प्रधान पवन आदिया ने उन्हें देखा तथा उन्हें स्टेज पर बैठने के लिए कहा। परन्तु संतोष चौधरी नहीं मानी। काफी देर आदिया के कहने के बाद संतोष चौधरी स्टेज की तरफ बढ़ी और वहां आगे की पंक्ति में बैठ गईं। कुछ ही समय में पंजाब इंचार्ज आशा कुमारी वहां पर आ गईं तथा स्टेज भरने लगी। स्टेज पर और नेताओं को आता देख संतोष चौधरी आगे की कतार से उठकर पिछली कतार में जाकर खड़ी हो गईं।
संतोष चौधरी को ऐसा करते देख आशा कुमारी ने उन्हें आगे आकर बैठने के लिए कहा और अपने साथ बिठाया। इतना ही नहीं कई नेता स्टेज पर न पहुंच पाने के चलते खफा-खफा दिखे। किसी ने भाषण के माध्यम से तो किसी ने बैठक के बाद प्रधान पर अपनी भड़ास निकाली तथा प्रधान ने भी जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं का हवाला देकर बहुत कुछ कह डाला। किसी नेता को फ्लैक्स पर फोटो का रंज था तो किसी को बोलने के लिए समय न देने की नाराजगी। इन सबके बावजूद भले ही जिला कांग्रेस अपनी इस बैठक को कामयाब समझ रही हो, परन्तु बैठक में कार्यकर्ताओं की संख्या उम्मीद के अनुरुप दिखी और न ही कार्यकर्ताओं में जोश व उत्साह देखने को मिला। इतना जरुर था कि अधिकतर नेता व कार्यकर्ता अपनी हाजिरी लगवाकर कांग्रेसी होने का फर्ज अदा करता जरुर दिखा। बैठक दौरान खुले मंच से व दबी जुबान में जो भी तकरारें हुई उन्हें लेकर राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस की एकजुटता पर सवाल जरुर उठने लगे हैं।













