
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। होशियारपुर में कोरोना वायरस से प्रभावित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी होने से इलाका निवासियों को घबराने की जरुरत नहीं है। क्योंकि, इस बीमारी से ग्रस्त अस्पताल में भर्ती मरीजों में से 98 प्रतिशत मरीज इलाज एवं हिदायतों का पालन करने से पूरी तरह से स्वस्थ्य हो जाते हैं। इसलिए मरीजों की बढ़ रही संख्या से किसी भी तरह से घबराने की जरुरत नहीं है और न ही किसी प्रकार की अफवाह पर विश्वास करना चाहिए। हम सभी को कोरोना से प्रभावित मरीजों के जल्द स्वस्थ्य होने की परम पिता परमात्मा से प्रार्थना करनी चाहिए।

-कहा, कोरोना से जीते तो राजनीति करने के लिए मिल जाएंगे और भी कई मुद्दे
यह विचार सामाजिक जागरुकता हेतु कार्यरत संस्था “सवेरा” के कनवीनर डा. अजय बग्गा ने कोरोना से प्रभावित मरीजों की बढ़ती संख्या पर जनता को जागरुक करते हुए व्यक्त किए।
डा. अजय बग्गा ने कहा कि बार-बार साबुन से हाथ धोना, मास्क या गमछे का प्रयोग तथा शारीरिक दूरी रखने से मनुष्य अपने कामकाज भी कर सकता है तथा कोरोना से भी बच सकता है। उन्होंने कहा कि तालाबंदी कोरोना वायरस को खत्म करने का इलाज नहीं है बल्कि तालाबंदी का अर्थ है कि स्वास्थ्य विभाग एवं जनता को कोरोना का मुकाबला करने के लिए तैयार करना एवं इसके प्रसार को रोकना।
डा. बग्गा ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से अपील की कि जो पंजाब निवासी अन्य देशों एवं देश के भीतर अन्य राज्यों में रह रहे हैं उन्हें भी तुरंत पंजाब लाया जाना चाहिए। परन्तु, पंजाब लाते समय विश्व स्वास्थ्य संगठन तथा सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों की पालना को यकीनी बनाया जाए।
डा. बग्गा ने राजनीतिक पार्टियों को अपील की कि कोरोना की जंग में झंडे लहराकर तथा व्रत रखकर भोलीभाली जनता को गुमराह न करें। क्योंकि, ऐसी स्टंटबाजी मनोरंजन एवं ध्यान भटकाने के साधन तो माने जा सकते हैं, पर इससे किसी का भला होने वाला नहीं है। इसलिए सभी राजनीतिक पार्टियों को इकट्ठे होकर इस महामारी का मुकाबला करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनेताओं को महामारी खत्म होने उपरांत राजनीति करने के लिए और बहुत सारे मुद्दे मिल जाएंगे। लेकिन इस समय स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एकजुट होकर प्रदेश एवं देश को बचाने के लिए कार्य किया जाए, हम सभी के बेहतरी इसी में है।












