होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट: समीर सैनी/संदीप वर्मा। थाना सदर पुलिस ने एक शिकायत के आधार पर आरटीआई एक्टिविस्ट वशिष्ट व एक अज्ञात के खिलाफ धारा 323, 336, 379बी आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरु कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना सदर पुलिस ने अवनिंदर सिंह पुत्र परमिंदर सिंह निवासी बरियाना जिला होशियारपुर के बयानों यह कार्यवाही की है। पुलिस को दी शिकायत में अवनिंदर सिंह ने बताया है कि वह कुलजीत सिंह के पास कनस्ट्रक्शन का काम करता है और 1 जुलाई की सुबह धोबीघाट से कुष्ट आश्रम मार्ग पर जहां उनका निर्माण का काम चल रहा था, वहां उसके पास एक वरना कार (पीबी07,एएक्स-4474) आकर रुकी, जिसमें से चार व्यक्ति निकले और वहां फोटो खींचने लगे और गाड़ी से निकले एक व्यक्ति जिसने अपना नाम वशिष्ट बताया और कहा कि वह मौके का डीसी है। तुम्हारा मास्क कहां है और उसके साथ गाली गलोच करने लगा।

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इस बारे में जब दूर खड़े कुलजीत सिंह को पता चला तो वे उनके समीप आ गए और उसे छुडवाने लगा। इस दौरान राजीव वशिष्ट ने पिस्तौल निकालकर हवाई फायर किया और उसे (अवनिंदर को) पिस्तौल की नोक पर कार में बिठाकर कुछ दूर ले गए। अवनिंदर ने बताया कि राजीव वशिष्ट व उसका एक साथी जो अपने आप को अजीत अखबार का पत्रकार कहता था, उन दोनों ने मिलकर उसकी जेब से उसका मोबाइल व पर्स जिसमें सैलेरी के 7 हजार रुपये थे छीन लिए और उसे चलती गाड़ी से फेंककर चले गए। इसके बाद उसे सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां पर डाक्टरों ने उसका उपचार किया। इस उपरांत इस संबंध में उसने थाना सदर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने उसके बयानों और मैडीकल के आधार पर विभिन्न धाराओं के तहत वशिष्ट और एक अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज करके आगे की कार्यवाही शुरु कर दी है।

इस मामले से आहत अवनिंदर सिंह, कुलजीत सिंह व कनस्ट्रक्शन के कार्य से जुड़े लोगों ने आज 2 जुलाई 2020 को पत्रकारवार्ता करके भी इस बारे में मीडिया को जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने सरकार से मांग की कि आरटीआई की एवज में लोगों की गाडिय़ां चैक करना, खुद को डीसी बताना तथा उसके साथी द्वारा खुद को कभी हिन्दी तो कभी किसी पंजाबी अखबार का पत्रकार बताकर लोगों को ब्लैकमेल करने की गहनता से जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आए दिन यह लोग कभी किसी स्थान पर तो कभी किसी स्थान पर गाडिय़ों/ट्रैक्टर ट्रालियों को रोककर उनकी पर्चियां व परमिट आदि चैक करते थे, जबकि सरकार व प्रशासन द्वारा इन्हें ऐसा कोई अधिकार नहीं दिया गया है। इस दौरान कुछ और लोगों ने भी इनके द्वारा तंगपरेशान किए जाने संबंधी और खुद को डीसी आदि के नाम पर लोगों को डराने सबंधी पत्रकारों को अवगत करवाया और मांग की कि इस मामले में और भी सख्त कार्यवाही की जाए।

इस संबंधी बात करने हेतु जब वशिष्ट एवं कथित पत्रकार के मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया था उनका फोन बंद आ रहा था।

इस संबंध में थाना सदर के प्रभारी सतविंदर सिंह ने बताया कि फिलहाल बयानों के आधार पर कार्यवाही की गई है तथा जांच उपरांत जो भी धारा लगाने की जरुरत पड़ेगी, लगाई जाएगी। खुद को अजीत व अन्य हिन्दी अखबार का पत्रकार बताने वाले संबंधी पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि इस बारे में भी जांच जारी है तथा धोखाधड़ी आदि सबंधी धारा जोड़े जाने संबंधी भी कार्यवाही की जा सकती है।

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