Friday, October 23, 2026
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सोखी नहीं लगनी सांवरिए नाल यारी: साध्वी सुश्री भुवनेश्वरी देवी

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट: राकेश भार्गव। सतगुरु सेवा ट्रस्ट द्वारा होशियारपुर सिटी सैंटर नजदीक पुलिस लाइन होशियारपुर में करवाए जा रहे धार्मिक कार्यक्रम पांच शाम कन्हैया के नाम की पांचवी और विराम की शाम का शुभारंभ डा राज कुमार विधायक चव्वेवाल तथा डा लखवीर सिंह जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने विधिवत ज्योति प्रज्वलित कर किया। सनातन धर्म की ध्वजा वाहक परम श्रद्धेय स्वामी भुवनेश्वरी देवी जी वटौत, कटड़ा, होशियारपुर वालों ने सत्संग के प्रारंभ में हरे रामा हरे रामा राम राम हरे हरे की धुन लगाकर वातावरण को भक्तिमय कर दिया। कथा को आगे बढ़ाते हुए देवी जी ने कहा कि हम सभी पर भगवान की अनंताअनंत कृपा बरस रही है, जो यह सत्संग रूपी दिव्य प्रसाद हमें मिल रहा है। पूज्या महाराज जी ने कहा कि प्रभू कार्य में जब तक प्रभु कृपा का फल नहीं मिलता, सफलता नहीं मिल सकती है। उन्होंने कहा कि जैसे मोबाइल का कनेक्शन टावर से और टावर का कनेक्शन सेटेलाइट से जुड़ा हुआ है, ऐसे ही हमारा शरीर एक यंत्र है। इस यंत्र का कनेक्शन आत्मा रूपी टावर से जुड़ा हुआ है और इस टावर का कनेक्शन सीधे भगवान रूपी सेटेलाइट से जुड़ा हुआ है। जिस दिन भी इनमें से कोई कनेक्शन टूट जाता है उसी दिन राम नाम सत्य हो जाता है।

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महाराज जी ने रंग चढ गया सांभल यार दा, रौला मुक्क गया कुल संसार दा, सुनाकर सारा वातावरण भक्तिमय कर दिया। उन्होंने नरेंद्र जो बाद में स्वामी विवेकानंद के नाम से प्रसिद्ध हुए, का स्वामी रामकृष्ण दास परमहंस जी से हुए संवाद का प्रकरण सुनाया। पूज्या देवी जी ने सौखी नहीं लगनी सांभरिए नाल यारी, सुनाकर भक्तों को भावविभोर कर दिया। महाराज जी ने कहा कि जब मनुष्य का जन्म होता है, उस समय जो वस्त्र उसे पहनाया जाता है, उसकी जेब नहीं होती और जब मृत्यु के पश्चात जो वस्त्र पहनाया जाता है उसकी भी जेब नहीं होती। यह तो सिर्फ बीच वाले समय में ही आती है और जब जेब आती है तो मनुष्य फ्रेव सीख लेता है। इस मौके अन्य के इलावा हरीश सैनी, डॉक्टर अजय बग्गा, डॉक्टर रीचा शर्मा, प्रदीप भुंगा,कुश माहिलपुर, प्रेम सिंह राजपुरोहित, तिलक राज गुप्ता, हरीश पराशर, सोहनलाल, रविंद्र मेहता, राकेश भार्गव, पुनीत शर्मा, राकेश शर्मा, राकेश भसीन, अमरजीत शर्मा, चंद्रमोहन बाली, महेंद्र सिंह, अरुण कुमार, सुखपाल, गौतम, हरिराम, सुनील दत्त, अभिषेक, ओम प्रकाश, नरेंद्र शर्मा, मंगतराम, के साथ-साथ नरेश सेठी, चंद्र, महाराज जी के अनन्य भक्त आनंद प्रकाश गुप्ता, एवं संत बाबा रणजीत सिंह जी गुरुद्वारा शहीद सिंघां अपने जत्थे के साथ विशेष रूप से उपस्थित थे।

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