
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। सामाजिक कार्यकर्ता पी.के. राणा उर्फ वीर प्रताप राणा व नई सोच संस्था के संस्थापक अध्यक्ष अशवनी गैंद तथा पूर्व पार्षद सुरेश भाटिया बिटटू ने ऐक साँझे ब्यान में पंजाब की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, लेकिन प्रदेश में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि नशा, गैंगस्टरवाद, संगठित अपराध, अवैध हथियार और हत्या जैसी घटनाओं से आम जनता में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। हाल ही में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर व्यापक सवाल उठे हैं।

उन्होंने कहा कि केवल बैठकें करने और अभियान घोषित करने से कानून-व्यवस्था मजबूत नहीं होगी। अपराधियों के खिलाफ त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई, पुलिस की जवाबदेही तथा आम नागरिकों की शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई जमीन पर दिखाई देनी चाहिए। सुरेश भाटिया ने कहा कि भगवंत मान प्रशासन को कानून-व्यवस्था के मामले में अपनी जिम्मेदारी से बचने के बजाय जनता को जवाब देना चाहिए। पुलिसकर्मियों की सुरक्षा, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा तथा नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की कि प्रत्येक जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति की नियमित सार्वजनिक समीक्षा हो, गंभीर आपराधिक मामलों की जांच समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए और जहां भी पुलिस या प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही सामने आए, वहां जिम्मेदारी तय की जाए। पी.के. राणा व अशवनी गैद ने कहा कि पंजाब की जनता को भाषण, आश्वासन व फ्लेक्स बोर्ड नहीं, बल्कि सुरक्षित माहौल और कानून का वास्तविक राज चाहिए। सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी नागरिक अपराधियों के डर में जीवन जीने को मजबूर न हो। मौके पर मौजूद हरीश गुप्ता हैप्पी, नीरज गैंद, राज कुमार, राकेश कुमार, अवतार सिंह धालीवाल आदि।












