Tuesday, October 20, 2026
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पुलिस भर्ती के नाम पर बेरोजगारों को बार-बार परेशान न करे सरकार: राणा

हमीरपुर(द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट: रजनीश शर्मा। पुलिस की भर्ती रद्द होने के बाद जहां एक ओर सरकार की नाकामी फिर उजागर हुई है। वहीं दूसरी ओर प्रदेश के युवा बेरोजगारों से क्रूर मजाक हुआ है। यह बात प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने यहां जारी प्रेस बयान में कही है। उन्होंने कहा कि सरकार और सरकारी सिस्टम की इस नाकामी के बाद यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि सरकार बेरोजगारों को लेकर गंभीर ही नहीं है। 2019 की पुलिस भर्ती में भी इसी तरह की नाकामी देखने में आई थी जिसको लेकर हजारों परिवारों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। इस बार पुलिस की भर्ती में प्रश्न पत्र लीक होने की चर्चाओं के बीच भर्ती का प्रिंसिपल नेचुरल जस्टिस ही अपने मतलब व मकसद से भटक गया है। सरकार की नाकामी में पुलिस तंत्र का नॉन प्रोफेशनल रवैया भी सामने आया है। जो कि सिस्टम की खामियों व नाकामियों को उजागर कर रहा है। राणा ने कहा कि पुलिस भर्ती से संबंधित अर्की में सोशल मीडिया पर चैट लीक होने की चर्चाओं ने सरकार और सिस्टम को कटघरे में खड़ा किया है।

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जिसको देखकर लग रहा है कि या तो पुलिस तंत्र जानकर इस तरह के कारनामों को अंजाम दे रहा है या तो सरकार की ढीली पकड़ के बीच पुलिस तंत्र भर्ती प्रक्रिया को होने ही नहीं देना चाहता है। राणा ने कहा कि लाखों लोग कोविड-19 के संकट के बाद बेरोजगार हुए हैं जबकि दूसरी ओर शिक्षित बेरोजगारों की फौज का आंकड़ा 11 लाख से ज्यादा हो चुका है। ऐसे में बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए बीजेपी सरकार पूरी तरह फेल और फ्लॉप रही है। उन्होंने कहा कि सरकार और सिस्टम अगर 1700 पुलिस जवानों की इस भर्ती में खुद को नाकाम पा रही है तो पुलिस भर्ती का टेस्ट किसी प्रोफेशनल एजेंसी से करवाया जाए ताकि बार-बार बेरोजगारों को परेशानी का सामना न करना पड़े। राणा ने कहा कि उन्हें मिली जानकारी के मुताबिक कांगड़ा व पंचकुला हरियाणा में इस पुलिस भर्ती के प्रश्न पत्र लीक होने की चर्चाएं हैं जिस पर भी जांच होनी जरुरी है

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