Friday, October 9, 2026
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भोरंज में 3042 बच्चों को किया जा रहा लाभान्वित:एसडीएम स्वाति डोगरा

हमीरपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट: रजनीश शर्मा। एसडीएम भोरंज स्वाति डोगरा की अध्यक्षता में बाल विकास परियोजना भोरंज द्वारा मुख्यमंत्री बाल सुपोषण योजना के अन्तर्गत खण्ड स्तर पर गठित सुपोषण टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। एसडीएम ने महिला एवं बाल विकास विभाग तथा अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस योजना को सफल कार्यान्वयन हेतु आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि कुपोषण से बचाव के लिए आंगनवाडी कार्यकर्ता नियमित रूप से गर्भवती महिलाओं के घर जाकर उन्हें पौष्टिक आहार की जानकारी दें।

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उन्होंने बाल विकास परियोजना भोरन्ज द्वारा संचालित विभागीय योजनाओं की समीक्षा भी की। उन्होंने बताया कि बाल विकास परियोजना भोरन्ज के द्वारा पूरक पोषाहार के अलावा अनौपचारिक पूर्वशाला शिक्षा, प्रतिरक्षण, स्वास्थ्य जांच व चिकित्सा परामर्श सेवायें प्रदान की जा रही हैं। बाल विकास परियोजना भोरंज के अन्तर्गत वर्तमान में 233 आंगनबाडी केंद्र व 1 मिनी आंगनबाडी केन्द्र संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भोरंज में मुख्यमन्त्री कन्यादान योजना के अन्तर्गत 4 पात्र लाभार्थियों की शादी हेतु मु0 2,04000/-रूपये की राशि प्रदान की गई। मदर टैरेसा असहाय मातृ सम्बल योजना के तहत मु0 5,98366/- रूपये, बेटी है अनमोल योजना के अन्तर्गत मु0 2,64000/-तथा प्रधानमन्त्री मातृ वन्दना योजना के अन्तर्गत 2672 पात्र लाभार्थियों को मु0 1,17,60,000/-रूपये की राशि प्रदान कर लाभान्वित किया गया।  उन्होंने बताया कि पूरक पोषाहार कार्यक्रम के अन्तर्गत 6 माह से 6 वर्ष के 3042 बच्चों, 958 गर्भवती तथा धात्री माताओं तथा विद्यालय त्याग चुकी 11 से 14 वर्ष की 1 किशोरी को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने समस्त सदस्यों को निर्देश दिए कि बाल विकास परियोजना भोरन्ज द्वारा संचालित समस्त योजनाओं का भरपूर प्रचार-प्रसार करना सुनिश्चित करें ताकि कोई पात्र लाभार्थी योजना के लाभ से वंचित न रहे।
सीडीपीओ भोरंज जीत राम चौधरी ने जानकारी दी कि बच्चों एंव महिलाओं के  पोषण में सुधार लाने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा एक नई योजना मुख्यमंत्री बाल सुपोषण योजना शुरू की गई है । इस योजना के अन्तर्गत 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों गर्भवती तथा धात्री माताओं  विशेषकर अति कुपोषित एंव अल्प कुपोषित बच्चों तथा उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को आंगनवाड़ी केन्द्रों में अतिरिक्त प्रोटीन युक्त पोषाहार उपलब्ध करवाया जायेगा। उन्होने बताया कि इस योजना के सुचारू कार्यान्वयन हेतु पंचायत स्तर पर भी सुपोषण टास्क फोर्स का गठन किया गया है। बैठक में बीडीओ  मंयक शर्मा, खण्ड प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी  सुमन कुमारी, स्वास्थ्य शिक्षक अमरदीप शर्मा,  खाद्य आपूर्ति निरीक्षक प्रकाश चन्द, बागवानी एवं जल शक्ति विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों तथा इस परियोजना के समस्त वृत पर्यवेक्षकों ने भाग लिया।

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