Monday, October 26, 2026
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समय आ गया है कि ब्राह्मण समाज को अपने हक के लिए आवाज उठानी पड़ेगी: साहिल शर्मा

कपूरथला(द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट: गौरव मढिय़ा। भगवान श्री परशुराम ब्राह्मण सभा की ओर से एक बैठक बुलाई गई जिसमें ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष साहिल शर्मा ने कहा हिंदुस्तान आजाद हुआ 1947 मैं लेकिन मंदिरों में जो पुजारी हैं जो उनके साथ अत्याचार होते हैं भेदभाव होते हैं आज के वक्त में मंदिरों के पुजारियों को जो वेतन दिया जाता है वह 5 सो रुपए से लेकर ज्यादा से ज्यादा 25 रुपए महीने का दिया जाता है, जिसमें 2023 के महंगाई भरे समय में घर का गुजारा कैसे चलेगा बच्चों को स्कूलों में पढ़ाना है, उसके अलावा कई खर्चे हैं, छोटे से छोटे परिवार का भी खर्चा 20 हजार के करीब होता है 1 महीने का और दूसरी तरफ आज के इस दौर में जितनी भी सरकारें आई उन्होंने ब्राह्मण समाज को हमेशा भेदभाव की नजर से देखा चाहे हमारे सभी धार्मिक ग्रंथों में ब्राह्मणों को पूजनीय कहा जाता है लेकिन वही समाज ब्राह्मणों का तिरस्कार कर रहा है, सरकार ब्राह्मणों को अनदेखा कर रही है।

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ब्राह्मणों के लिए कोई योजना नहीं है। ब्राह्मण समाज इसके खिलाफ कभी सडक़ों पर नहीं उतरा लेकिन अब ब्राह्मण समाज को सडक़ों पर उतरने की जरूरत है अपने हक की लड़ाई लडऩे की जरूरत है साहिल शर्मा ने कहा, ब्राह्मण समाज के बच्चे आज ज्योतिष या पुजारी का काम करना नहीं चाहते क्योंकि घर का गुजारा करना बड़ा मुश्किल हो गया है वह प्राइवेट सेक्टर में काम कर रहे हैं इतने बड़े होने के बावजूद भी ब्राह्मण समाज के बच्चों को नौकरी नहीं मिलती सभी राजनीतिक पार्टियां चाहे कांग्रेस हो चाहे भाजपा हो आम आदमी पार्टी अकाली दल सपा बसपा किसी ने भी आज तक ब्राहमण समाज की सुध नहीं ली, साहिल शर्मा ने कहा आज अपने हक के लिए ब्राह्मण समाज को एकता की माला में एकत्रित होकर आवाज उठानी चाहिए ब्राह्मण हमेशा ईश्वर की स्तुति में लगा रहा ईश्वर से मांगता रहा ईश्वर की कृपा से ब्राह्मण आज इस धरती पर विराजमान है नहीं तो धर्म के नाम पर जाति के नाम पर ब्राह्मणों को खत्म करने का सिलसिला हजारों वर्षों से चला आ रहा है चाहे अंग्रेज हो मुगल हो जा हमारे देश की सरकार है, लेकिन बड़े-बड़े मंदिरों में बड़ी-बड़ी संस्थाओं में सत्कार के नाम पर ब्राह्मण समाज को कुछ चावल कुछ फल देकर समाज सोचता है कि उसने कर्तव्य पूरा कर लिया कोई जमाना था जब ब्राह्मण को कोई गाली भी नहीं निकालता था कहते थे कि भगवान ब्राह्मण का अपमान करने वाले को कभी माफ नहीं करते लेकिन आजकल जगह-जगह ब्राह्मण का अपमान हो रहा है ब्राह्मण समाज के लिए ना जाने कैसे-कैसे अपशब्द इस्तेमाल किए जाते हैं मेरी ब्राह्मण समाज से यही विनती है कि हमें अपनी आवाज उठानी पड़ेगी वोट की राजनीति पर हमेशा ब्राह्मण को इस्तेमाल किया गया है उठो अब तब तक मत रुको जब तक ब्राह्मण की सुनवाई ना हो जाए।

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