अमृतसर (द स्टैलर न्यूज़) लक्ष्मीकांता चावला। पुलिस ने रंजीत एवेन्यू में देह व्यापार के अड्डे को पकड़कर अच्छा काम किया है। पुलिस से यह सवाल है कि क्या रंजीत एवेन्यू में या शहर में केवल एक ही ऐसा स्थान है जहां पर अनैतिक काम होते हैं या अभी अन्य स्थान पुलिस के ध्यान में नहीं आए? जो भी हो पुलिस ने यह अड्डा पकड़कर और देशी विदेशी लोगों को गिरफ्तार करके बहुत अच्छ काम किया है। अफसोस तो यह है कि जिन दिनों कन्या पूजन हो रहा है, रावण को जलाने की तैयारी हो रही है उन्हीं दिनों यह रावण से भी घटिया व्यक्ति पकड़े गए हैं। इनको सामाजिक दंड भी मिलना चाहिए। मेरा उनसे भी प्रश्न है जो धार्मिक सजा लगाते हैं।
क्या जो व्यक्ति बेटियों के शरीर का धंधा करने का केंद्र चला रहा है, गंदगी से नोट कमा रहा है, क्या उसको कोई दंड मिलेगा? जो 11 लोग लड़कियों का शरीर खरीदने वाले पकड़े गए हैं उनमें हिंदू-सिख-ईसाई तीनों धर्मों के अनुयायी है। इन सभी को दशहरा के दिन जो कागजी रावण जलाने हैं एक बार उनके सामने खड़ा करें और जनता यह जान ले कि केवल कागजी रावणों को जलाने से ही हमारा काम पूरा नहीं हो जाता।
जो कलियुगी रावण बेटियों का धंधा करने वाले गली गली शहर शहर घूम रहे हैं पहले उनसे निपटना चाहिए। अमृतसर पुलिस और पंजाब पुलिस से भी यही अपील है कि जिस तरह नशे के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है वैसे ही जो लोग देह व्यापार में लगे हैं उनको सबसे पहले पकड़कर सलाखों के पीछे भेजना चाहिए। अगर उस रावण को जीने का अधिकार नहीं तो इन कलियुगी रावणों को खुला क्यों छोड़ा है।







