
हमीरपुर (द स्टैलर न्यूज़), रजनीश शर्मा। हिमाचल प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में आज से मरीजों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। प्रदेशभर में डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा असर पड़ा है। राज्य के किसी भी सरकारी अस्पताल में डॉक्टर सुबह 9.30 बजे से मरीजों को नहीं देख रहे। डॉक्टर दोपहर 12 बजे के बाद ओपीडी में लौटेंगे।

दरअसल, प्रदेश के डॉक्टर कांग्रेस सरकार द्वारा नॉन प्रैक्टिस अलाउंस बंद करने से नाराज हैं। इसे लेकर बीते साल भी डॉक्टर लंबी हड़ताल कर चुके हैं। उस दौरान मुख्यमंत्री के एनपीए बहाल करने के आश्वासन पर डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल को खत्म किया था। मगर 9 महीने बाद भी एनपीए नहीं दिया गया।
इसलिए बंद किया एनपीए
आर्थिक तंगी और खर्चों को कम करने की मंशा से कांग्रेस सरकार ने डॉक्टरों का एनपीए बंद किया है। इस निर्णय के अनुसार, भविष्य में चयनित होने वाले किसी भी मेडिकल एजुकेशन, स्वास्थ्य, आयुष, डेंटल व पशुपालन डॉक्टर को एनपीए नहीं दिया जा रहा, जबकि सेवारत डॉक्टर को यह पहले की तरह मिल रहा है। बेशक यह शर्त नई नियुक्तियों के लिए लगाई गई है, लेकिन इस निर्णय के खिलाफ सभी डॉक्टर एकजुट हो गए हैं। मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के अनुसार एनपीए बंद करना न्यायसंगत नहीं है। इससे डॉक्टर हतोत्साहित होंगे। इसे जल्द बहाल किया जाना चाहिए।











