Monday, October 19, 2026
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पीएसडीएम द्वारा 10 हज़ार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट के साथ समझौता सहीबद्ध

चंडीगढ़, (द स्टैलर न्यूज़): मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान की दूरदर्शी सोच अनुसार पंजाब के युवाओं के कौशल और कार्यकुश्लता में बढ़ौतरी करके उनको सांसारिक ज़रूरतों अनुसार रोजग़ार के अवसरों के लिए समर्थ बनाने के लिए पंजाब कौशल विकास मिशन ( पी.एस.डी.एम.) ने माइक्रोसॉफ्ट के साथ एक समझौता ( एम.ओ.यू.) सहीबद्ध किया है, जिसके अंतर्गत एक साल में 10 हज़ार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

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इस समझौते पर डायरैक्टर पी.एस.डी.एम. अमृत सिंह और माइक्रोसॉफ्ट कारपोरेशन इंडिया प्राईवेट लिमटिड में एजुकेशन के कंट्री हैड संजय ढींगरा की ओर से हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के लिए पूरे विभाग को बधाई देते हुए पंजाब के रोजग़ार उत्पति, कौशल विकास और प्रशिक्षण मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि यह समझौता पंजाब के 10, 000 नौजवानों को क्लाउड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( ए.आई.), साईबर सुरक्षा और सस्टेनिबिलटी, डिजिटल प्रोडकटीविटी, रोजग़ार, इंग्लिश कम्यूनिकेशन सकिल्लज़, प्रौद्यौगिकी और उद्धम कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने में अहम सिद्ध होगा। उन्होंने दोहराया कि विभाग द्वारा पंजाब के युवाओं को रोजग़ार के अवसर प्रदान करने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जा रही है।

समझौतो संबंधीं विस्तार में जानकारी देते हुए अमृत सिंह ने बताया कि साल 2024- 25 के लिए माइक्रोसॉफ्ट के साथ किए गए इस समझौते में ऐसीं अलग- अलग पहलकदमियां शामिल है, जो पी.एस.डी.एम. के सहयोग के साथ शिक्षार्थियों की विशेष ज़रूरतों को पूरा करने के लिए तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि इन पहलकदमी का उदेश्य सांसारिक ज़रूरतों अनुसार युवाओं के कौशल और योग्यता को बढ़ाना है जिससे उनको ए.आई.के बोलबाले वाली अर्थव्यवस्था में रोजग़ार के अवसरों के समर्थ बनाया जा सके।

उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि रोजग़ार उत्पति, कौशल विकास और प्रशिक्षण विभाग उद्योग की ज़रूरतों अनुसार कौशल मानवीय शक्ति प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अन्य कंपनियों के साथ भी ऐसे समझौते सहीबद्ध किए जाएंगे।

समझौते के मुख्य पहलू
– दस हज़ार ग्रामीण युवाओं, युवतियों, लड़कियों और दिव्यांगजनों की कार्यकुश्लता में वृद्धि के लिए फाऊंडेशनल डिजिटल, रोजग़ार योग्यता और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सम्बन्धित कौशल का विकास।
– रोजग़ार उत्पति विभाग के पास रजिस्टर्ड नौकरी तलाश रहे युवाओं को उद्योग की ज़रूरत अनुसार डिजिटल कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना।
– तकनीकी और पेशेवर शिक्षा संस्थानों में विद्यार्थियों के लिए ट्रेनरों के द्वारा क्लाउड, आर्टिफिशियल इंटेलिजैंस, सुरक्षा और सस्टेनिबिलटी ( ग्रीन सकिल्लज़)के बारे में जागरूकता और प्रशिक्षण प्रोगराम।
– आधुनिक नागरिक सेवाओं को ज्यादा उचित ढंग से प्रदान करने के लिए डिजिटल प्रोडक्टीविटी सकिल्लज़ और आर्टिफिशियल इंटेलिजैंस का प्रयोग सम्बन्धित कौशल प्रदान करके सरकारी मुलाजिमों की सामथ्र्य में विस्तार करना।
– युवाओं को रोजग़ार मौकों के समर्थ बनाने के लिए हाई स्कूल शिक्षा, अंडरग्रैजुएट कोर्स और कित्तामुखी प्रशिक्षण दौरान युवाओं में इंग्लिश कम्यूनिकेशन सकिल्लज़, 21वीं सदी के कौशल और ए.आई. में रोजग़ार की संभावनाओं प्रति जागरूकता पैदा करना।

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