
नई दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। अरविंद केजरीवाल के मुख्यमंत्री पद के इस्तीफे के बाद आतिशी दिल्ली की नई मुख्यमंत्री होंगी। 21 सितंबर को आतिशी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी। आतिशी के पिता विजय सिंह और मां तृप्ता दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर रहे हैं और पंजाबी बैकग्राउंड के राजपूत समुदाय से आते हैं। आतिशी के परिजनों ने उनके नाम के साथ कोई सरनेम नहीं लगाया बल्कि पूरा नाम ‘आतिशी मार्लेना’ रखा। आतिशी के पिता विजय सिंह लेफ्ट विचारधारा को पसंद करते थे और मार्क्स और लेनिन से प्रभावित थे। इसलिये दोनों को मिलकर अपनी बेटी के नाम के आखिर में सरनेम की जगह ‘मार्लेना’ लगाया। लेकिन आतिशी अपने नाम के साथ सरनेम का प्रयोग नहीं करती है।

साल 2019 के लोकसभा चुनाव में जब आतिशी मैदान में उतरीं तो विपक्षियों ने उनके नाम को मुद्दा बनाते हुए उन्हें ईसाई करार दे दिया। जिसके बाद आतिशी ने अपने नाम के आखिर से मार्लेना हटाने का फैसला कर लिया। ऐसा माना जाता है कि वह ईसाई हैं, क्षत्रिय है, राजपूत हैं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। दिल्ली की 8वीं मुख्यमंत्री के तौर शपथ लेने वाली आतिशी मार्लेना ऐसी राजनेता हैं, जो पहली जीत के बाद ही कैबिनेट मंत्री और फिर मुख्यमंत्री बनी हैं। अपने 10 साल के राजनीतिक कैरियर में उन्होंने मेनिफेस्टो कमेटी के सदस्य से सीएम तक का सफर तय किया। एक साल बाद ही 2014 के चुनाव में वह आप की प्रवक्ता बनाई गई।
2015 में आतिशी शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया की सलाहकार बनाई गईं। दिल्ली के जिस एजुकेशन सिस्टम को आम आदमी पार्टी ने हमेशा अपना मजबूत पक्ष बताया, उसका क्रेडिट भी आतिशी को जाता है। उन्होंने 2019 में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया था कि वह पंजाबी राजपूत हैं। उन्होंने बताया था, ‘मैं पंजाबी हिंदू परिवार से हूं। क्षत्रिय हूं। मेरा सरनेम कार्ल मार्क्स और व्लादिमीर लेनिन से लिया गया है।’ उन्होंने बताया कि ये सरनेम उन्हें उनके माता-पिता ने दिया, जो कि लेफ्ट विचारधारा के प्रति झुकाव रखते हैं।











