
नई दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। लाहौर के शादमान चौक का नाम बदलकर शहीद भगत सिंह के नाम पर रखने की योजना अब पाकिस्तान सरकार ने रद्द कर दी है। इस योजना को लाहौर उच्च न्यायालय (एलएचसी) में एक रिटायर्ड सैन्य अधिकारी की टिप्पणी के बाद खत्म कर दिया है। पंजाब प्रांत की सरकार ने कहा है कि भगत सिंह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नहीं थे। पंजाब प्रांत की सरकार ने हाईकोर्ट में अपने जवाब में यहां तक कह दिया है कि भगत सिंह स्वतंत्रता सेनानी नहीं थे, बल्कि आज की परिभाषा में आतंकवादी थे।

लाहौर हाईकोर्ट में असिस्टेंट एडवोकेट जनरल असगर लेघारी ने लिखित जवाब में स्वतंत्रता सेनानी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे साथ ही कहा इसमें कहा गया है, ” तारिक मजीद ने अपनी टिप्पणियों में दावा किया कि भगत सिंह ‘क्रांतिकारी नहीं, बल्कि एक अपराधी थे और आज की परिभाषा में वह एक आतंकवादी थे.’ उन्होंने एक ब्रिटिश पुलिस अधिकारी की हत्या की थी और इस अपराध के लिए उन्हें उनके 2 साथियों के साथ फांसी पर लटका दिया गया।”
वहीं भगत सिंह मेमोरेयिल फाउंडेशन के अध्यक्ष कुरैशी ने भगत सिंह को निर्विवाद रूप से एक महान क्रांतिकारी, स्वतंत्रता सेनानी और शहीद बताया। साथ ही कहा है, “मैं भगत सिंह फाउंडेशन के खिलाफ गंभीर आरोप लगाने के लिए सेवानिवृत्त कमोडोर मजीद को कानूनी नोटिस भेजूंगा और भगत सिंह पर उनके रुख का विरोध करूंगा।”











