
अमृतसर (द स्टैलर न्यूज़)। दो दिन पहले पटियाला में उस समय सनसनी फैल गई जब राजिंदरा अस्पताल में एक कुत्ता बच्चे का सिर मुंह में लिए घूम रहा था। पहले तो अस्पताल के विरुद्ध जांच शुरू हुई। ऐसा लगा कि कोई नवजात बच्चा कुत्ता उठाकर ले गया, लेकिन जांच में यह सामने आया कि जितने बच्चे पैदा हुए सभी सुरक्षित हैं और पुलिस ने इंक्वारी में यह पाया कि एक मरा हुआ बच्चा कूड़े के ढेर पर पड़ा था और उसे ही कुछ खाकर और उसके सिर को मुंह में उठाकर कुत्ता ले गया है।

पुलिस ने उस बच्चे के परिवार को ढूंढ लिया और जो पिता ने अपनी दास्तां सुनाई वह एक प्रश्न है हमारे समाज के धार्मिक और अमीर लोगों के सामने एक व्यक्ति क्या आज भी इतना गरीब है कि उसने बताया कि बच्चे को दफनाने के लिए उसके पास आर्थिक साधन नहीं, इसलिए वह बच्चे का शव कूड़े के ढेर पर फेंक कर चला गया, जिसे कुत्तों ने खा लिया। निश्चित ही उस व्यक्ति का बहुत दोष है जिसने मृत बच्चा इस तरह फेंक दिया। समाज से सहायता मांग सकता था, अस्पताल से भी मांग सकता था पर आज जब हम विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था के स्वामी स्वयं को घोषित कर रहे हैं हमारे देश में इतने गरीब लोग हैं जो अपने कलेजे के टुकड़े को मौत के बाद कूड़े के ढेर पर फेंक कर कुत्तों के नोंचने के लिए छोड़ रहे हैं। सोचे सरकार भी, धर्म के ठेकेदार भी और बड़े बड़े समाजसेवक का बोर्ड लगाने वाले भी।












