
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज)। इस वर्ष बसंत पंचमी का पर्व पूरे पंजाब में सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी के मजबूत संदेश के साथ मनाया जाएगा। लोगों से अपील की गई है कि वे चीनी (चाइना) डोर और नायलॉन पतंग डोर का पूरी तरह बहिष्कार करें, क्योंकि ये डोर अत्यंत खतरनाक साबित हो चुकी हैं और कई बार जानलेवा दुर्घटनाओं का कारण बनी हैं।

प्रख्यात शिक्षाविद एवं सामाजिक चिंतक संजीव कुमार ने कहा कि चाइना और नायलॉन डोर आसानी से नहीं कटती, जिससे पैदल चलने वालों, दोपहिया वाहन चालकों और पक्षियों को गंभीर चोटें लगती हैं। कई निर्दोष लोगों की जान भी इन घातक डोरों के कारण जा चुकी है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “त्योहार खुशियां बांटने के लिए होते हैं, शोक फैलाने के लिए नहीं।” उन्होंने नागरिकों से पारंपरिक, पर्यावरण-अनुकूल और सुरक्षित तरीके से बसंत पंचमी मनाने की अपील की।
यह जागरूकता संदेश “सेव शिवालिक सेव मदर अर्थ” एनजीओ , बोदल गांव द्वारा संयुक्त रूप से जारी किया गया। संस्था के अध्यक्ष गुरुकृपाल सिंह बोदल ने बताया कि संगठन निरंतर सामाजिक एवं पर्यावरणीय मुद्दों पर काम कर रहा है और चीनी डोर के खिलाफ अभियान मानव जीवन, पक्षियों और प्रकृति की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण जनजागरण है। उन्होंने अभिभावकों, युवाओं और पतंग विक्रेताओं से प्रतिबंधित डोर की बिक्री व उपयोग से इनकार करने की अपील की।
इस पहल का समर्थन करते हुए आशिका जैन, उपायुक्त होशियारपुर ने स्पष्ट किया कि चीनी या नायलॉन डोर का उपयोग कानूनन दंडनीय अपराध है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी डोर रखने, बेचने या उपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए सुरक्षित बसंत पंचमी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
वक्ताओं ने सामूहिक रूप से नागरिकों से प्रशासन के प्रयासों का समर्थन करने और सुरक्षित सूती डोर का चयन कर पर्व को दुर्घटना-मुक्त बनाने की अपील की।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से उपस्थित सदस्यों में गुरुकृपाल सिंह बोदल (अध्यक्ष), प्रो. जसवीर सिंह बोदल, प्रवीन मंगत, परमजीत सिंह उस्मान शहीद, गुरिंदर सफारी, रणजीत सिंह सगरां, बलविंदर कौर लंगाना, कमल एनआर, अमनजोत बोदल सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ता शामिल रहे।
कार्यक्रम का समापन चीनी डोर को “ना” कहने, मानव जीवन की रक्षा करने, पक्षियों को सुरक्षित रखने और समाज व प्रकृति के साथ सामंजस्य में बसंत पंचमी मनाने की सामूहिक शपथ के साथ हुआ।












